एलन मस्क के बाद अब मार्क जकरबर्ग करेंगे राजनीति? ट्रंप ने दिए संकेत
मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग के अमेरिकी राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं। व्हाइट हाउस में हुई टेक दिग्गजों की डिनर पार्टी के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ओर संकेत दिए। बैठक में ब्रिटेन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर जब एक पत्रकार ने जुकरबर्ग से सवाल किया तो वे असहज नजर आए। इसी बीच ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “यही आपके राजनीतिक करियर की शुरुआत है, धीरे-धीरे आप बोलने में माहिर हो जाएंगे।” इस टिप्पणी को लेकर अब चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि जकरबर्ग भी राजनीति में उतर सकते हैं।
टेक्नोलॉजी जगत से अमेरिकी राजनीति में कदम रखने का सिलसिला नया नहीं है। इससे पहले टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ट्रंप प्रशासन का हिस्सा रह चुके हैं। वहीं बायोटेक फर्म रोइवेंट साइंसेज के सीईओ विवेक रामास्वामी भी 2024 में रिपब्लिकन पार्टी के जरिए राजनीति में आए थे और ओहायो गवर्नर पद की रेस में शामिल रहे। इसके अलावा डिजिटल फिटनेस ऐप आप्टिव के एथन अग्रवाल और वेंचर कैपिटल फर्म आंद्रेसेन होरोविट्ज के स्कॉट कुपोर जैसे नाम भी राजनीति की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। ऐसे में अगर जकरबर्ग भी राजनीति की राह पकड़ते हैं तो यह कोई नई बात नहीं होगी।
डिनर मीटिंग के दौरान जकरबर्ग राष्ट्रपति ट्रंप के बगल में बैठे और उन्होंने व्हाइट हाउस में आमंत्रण के लिए उनका धन्यवाद किया। इस बैठक में जकरबर्ग ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मेटा 2028 तक अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहा है। इस घोषणा को अमेरिका की टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री और रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वहीं बैठक में शामिल अन्य टेक दिग्गजों ने भी ट्रंप की सराहना की। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि “अब हम दुनिया में सबसे आगे बढ़ने जा रहे हैं और यह आपके बिना संभव नहीं हो सकता था।”
गौरतलब है कि इस मीटिंग में एलन मस्क मौजूद नहीं थे। हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने उन्हें आमंत्रण दिया था, लेकिन मस्क ने अपनी जगह एक प्रतिनिधि भेज दिया। इसके बावजूद डिनर मीटिंग को ट्रंप ने बेहद सफल बताया। ट्रंप ने कहा कि यह मुलाकात टेक्नोलॉजी के मौजूदा दौर, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कामकाज को लेकर बुलाई गई थी, ताकि आने वाले समय की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा हो सके।
41 वर्षीय मार्क जकरबर्ग का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था और वे कम उम्र में ही टेक्नोलॉजी जगत में बड़ा नाम बन चुके हैं। मेटा की सोशल मीडिया और वर्चुअल रियलिटी की पकड़ को देखते हुए अगर वे राजनीति में कदम रखते हैं तो यह अमेरिकी सियासत में बड़ा बदलाव ला सकता है। फिलहाल ट्रंप की टिप्पणी को लेकर माहौल गर्म है और इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले वर्षों में जुकरबर्ग भी राजनीति के बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं।
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