May 30, 2026

देवताओं की धरती ग्रीस में क्यों बंद हो रहे हैं सैकड़ों स्कूल

ग्रीस इस समय गंभीर जनसांख्यिकीय संकट से गुजर रहा है, जिसका सीधा असर देश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही सरकार ने घोषणा की है कि पूरे देश में 750 से अधिक स्कूलों का संचालन निलंबित कर दिया जाएगा। यह संख्या कुल स्कूलों का लगभग पाँच प्रतिशत है। सरकार के मुताबिक, छात्रों की संख्या इतनी तेजी से घटी है कि अब कई विद्यालय न्यूनतम आवश्यक शर्तें पूरी नहीं कर पा रहे।

 

शिक्षा मंत्रालय के ताज़ा आँकड़े स्थिति की गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। केवल प्राथमिक शिक्षा में नामांकन करने वाले छात्रों की संख्या सात वर्षों में 1.11 लाख से अधिक घट गई है। वर्ष 2018 की तुलना में यह करीब 19 प्रतिशत की गिरावट है। इस बार 14,857 स्कूलों में से 766 को बंद करना पड़ा क्योंकि उनमें न्यूनतम 15 छात्रों का दाखिला भी नहीं रह गया था। यह प्रवृत्ति अब माध्यमिक शिक्षा को भी प्रभावित करने लगी है, जिससे भविष्य की चिंता और गहरी हो गई है।

 

ग्रीस में यह संकट अचानक पैदा नहीं हुआ। 2010 से देश में जन्मदर गिरने लगी और 2011 से हर साल जन्मों की तुलना में मृत्यु अधिक होने लगी। आँकड़े बताते हैं कि 2001 से 2021 के बीच 20 से 40 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या पाँच लाख यानी 31 प्रतिशत तक घट गई। यह वही वर्ग है जिसे प्रजनन आयु का सबसे अहम समूह माना जाता है। इसके साथ ही, आर्थिक संकट के दौरान लाखों पढ़े-लिखे नागरिक बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश चले गए। इससे देश में संभावित माता-पिता की संख्या और घट गई।

 

Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीस की महिलाएँ अब औसतन 32 वर्ष की आयु के बाद ही पहला बच्चा जन्म देती हैं। जन्मदर घटकर 1.35 पर आ गई है, जो यूरोप में सबसे कम स्तरों में से एक है। 2022 में देश में कुल जन्म 80,000 से भी कम रहे, जबकि 2023 में मौतों की संख्या इनसे लगभग दोगुनी रही। विवाह के बाहर बच्चों का जन्म ग्रीक समाज में अब भी बहुत दुर्लभ है, जिससे जनसंख्या वृद्धि की संभावना और सीमित हो जाती है।

 

इस स्थिति ने ग्रामीण इलाकों में सामाजिक और आर्थिक संरचना को पहले से ही कमजोर कर दिया है। कई गाँवों में स्कूल बंद होने से बच्चों को दूर-दराज़ के कस्बों तक जाना पड़ रहा है, जिससे शिक्षा तक उनकी पहुँच प्रभावित हो रही है। वहीं, खाली होते स्कूल और घटती आबादी वहाँ के स्थानीय समुदाय के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े कर रही है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जन्मदर और प्रवासन की यह प्रवृत्ति इसी तरह जारी रही, तो आने वाले दशकों में ग्रीस न केवल शिक्षा बल्कि श्रमशक्ति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संतुलन के मामले में भी गंभीर चुनौतियों का सामना करेगा। फिलहाल स्कूलों का बंद होना इस गहराते संकट का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है, जो आने वाले समय में ग्रीस के भविष्य को गहरी दिक़्क़तों की ओर धकेल सकता है।

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