हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गोहर उपमंडल की नांडी पंचायत में बीती रात जोरदार बारिश के कारण कटवांढ़ी नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नाले में आए तेज बहाव से कट स्टोन की इकाई पूरी तरह से तबाह हो गई। उद्योग के मालिक को प्रारंभिक तौर पर 25 से 30 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
बारिश से नांडी पंचायत की छह दुकानों में पानी और मलबा घुस गया, जिससे लाखों का नुकसान हुआ। वहीं, एक कार भी तेज बहाव में बह गई। पंचायत प्रधान फत्ता राम ने बताया कि रात करीब 10 बजे से तेज बारिश शुरू हुई और नाले में इतना पानी आया, जितना पहले कभी नहीं देखा गया था।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी बारिश और भूस्खलन ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मंडी–कुल्लू के बीच खोती नाले में अचानक पहाड़ी से भारी मलबा गिर गया, जिससे सड़क बंद हो गई। पंडोह पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने समय रहते वाहनों को पीछे रोक दिया, जिसके चलते जनहानि नहीं हुई। फिलहाल सड़क को खोलने में समय लग सकता है और यात्रियों को सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी हालात का जायजा लेने के लिए कांगड़ा के फतेहपुर और इंदौरा, साथ ही चंबा के भरमौर और मणिमहेश का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासनिक अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
लगातार बारिश ने मणिमहेश यात्रा को भी प्रभावित कर दिया है। एसडीआरएफ की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं और अब तक 3,000 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए धनछो और कुगती-गैधर मार्ग पर टीमें तैनात हैं। खराब मौसम के कारण यात्रा कई दिनों तक बाधित रही और हजारों यात्री रास्तों में फंसे रहे।
प्रदेश में हालात इतने बिगड़े हैं कि बंजार उपमंडल की बाढ़ प्रभावित मशियार पंचायत के जरूरतमंद परिवारों को प्रशासन की ओर से राशन किट भेजी गई हैं। वहीं, भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 200 से अधिक सड़कें बंद पड़ी हुई हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं।
मौसम विभाग ने 30 और 31 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 1 और 2 सितंबर को येलो अलर्ट रहेगा। लगातार बारिश से प्रशासन ने कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और कुल्लू में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है। बीती रात भटियात, जोगिंद्रनगर, रामपुर, धर्मशाला और शिमला सहित कई स्थानों पर भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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