मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक… पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान की अहमियत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं, जहां उन्होंने भारत-जापान के 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने जापान को भारत की विकास यात्रा में एक अहम साझेदार बताते हुए कई बड़े बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में अब तक 40 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है और पिछले दो वर्षों में ही करीब 30 बिलियन डॉलर का निजी निवेश किया गया है। यह साझेदारी भारत की आर्थिक मजबूती और दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
टोक्यो में आयोजित भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज निवेश के लिए दुनिया का सबसे उपयुक्त स्थान है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात करते हुए भी यह संदेश दिया कि भारत की प्रगति में जापान का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट्स से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर उद्योग से लेकर स्टार्टअप इकोसिस्टम तक हर क्षेत्र में जापान ने भारत का साथ दिया है और यह साझेदारी लगातार गहरी होती जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारत की आर्थिक प्रगति और सुधारों की दिशा में उठाए गए कदमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। आज देश में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक मजबूती और नीतियों में पारदर्शिता है। यही वजह है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से विकसित हो रही बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सुधार केवल टैक्स व्यवस्था तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ease of doing business को आसान बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं, जैसे कि single digital window approval system।
पीएम मोदी ने बताया कि भारत की विकास गाथा को दुनिया न केवल मान्यता दे रही है बल्कि उसकी सराहना भी कर रही है। हाल ही में एसएंडपी ग्लोबल ने दो दशक बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया है, जो भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया केवल भारत को देख ही नहीं रही, बल्कि भारत पर भरोसा भी कर रही है। यही भरोसा भारत-जापान साझेदारी को और मजबूत बनाने में सहायक होगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच सहयोग को नए क्षेत्रों तक ले जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे ऑटोमोबाइल सेक्टर में साझेदारी बेहद सफल रही है, वैसे ही हम बैटरीज, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिप-बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और जापान मिलकर ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में भी अहम योगदान दे सकते हैं। अंत में उन्होंने जापानी कंपनियों से आग्रह किया कि वे भारत आएं और भारत के साथ मिलकर एक बेहतर और विकसित विश्व के निर्माण में साझेदार बनें।
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