ग्रेटर नोएडा दहेज हत्याकांड: निक्की को जिंदा जलाने के आरोप में घिरी योगी सरकार, परिजन बोले- अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बुलडोज़र चाहिए
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से दहेज प्रथा की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। निक्की नाम की महिला को उसके पति विपिन ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पहले बेरहमी से पीटा और फिर थिनर डालकर आग के हवाले कर दिया। निक्की की मौत के बाद इलाके में गुस्से की लहर है, जबकि परिजनों ने सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इतनी बर्बर हत्या के बाद भी आरोपी परिवार पर बुलडोज़र क्यों नहीं चला? क्या यही है योगी सरकार का “जीरो टॉलरेंस” वाला मॉडल?
निक्की के भाई ने आरोप लगाया कि पिता की नई मर्सिडीज कार पर पति विपिन की नज़र थी। शादी में पहले से ही स्कॉर्पियो और बाद में बुलेट दी गई थी, फिर भी विपिन और उसके घरवाले संतुष्ट नहीं थे। वह लगातार कैश, कार और महंगे गिफ्ट की मांग करते रहे। यहां तक कि 60 लाख रुपये नकद तक की मांग सामने आई। निक्की के भाई ने कहा कि बार-बार दहेज की मांग और मारपीट से उसकी बहन टूट चुकी थी, कई पंचायतें भी हुईं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
निक्की के पिता का कहना है कि उन्होंने शादी में अपनी हैसियत से ज़्यादा दहेज दिया, लेकिन बेटी को बचा नहीं सके। उन्होंने साफ कहा कि अगर आरोपी अपराधी हैं तो उनके खिलाफ सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं है। “हमारी बेटी को ज़िंदा जलाकर मार दिया गया। अगर इस पर भी बुलडोज़र नहीं चला तो किस पर चलेगा? सरकार अगर हमें न्याय नहीं देगी तो हम एसएसपी ऑफिस के बाहर धरना देंगे, भूख हड़ताल करेंगे।”
इस बीच घटना के बाद जब पुलिस आरोपी विपिन को बरामदगी के लिए ले जा रही थी, तभी उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन परिजनों का कहना है कि केवल एक आरोपी पकड़ने से न्याय नहीं मिलेगा। सास, ससुर और जेठ को भी तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। परिजनों ने यहां तक मांग रखी कि इन सभी आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए ताकि समाज में दहशत पैदा हो और ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
निक्की की बहन कंचन ने भी खुलासा किया कि विपिन के किसी दूसरी लड़की से संबंध थे, इसी वजह से वह निक्की को अक्सर प्रताड़ित करता था। कई बार पंचायत में यह बात उठी लेकिन दबा दी गई। सोशल मीडिया पर भी मारपीट के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें विपिन और उसकी मां निक्की को पीटते हुए नजर आ रहे हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद लोगों का आक्रोश और तेज हो गया है। गांव से लेकर शहर तक लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के घरों को ध्वस्त कर सरकार यह संदेश दे कि उत्तर प्रदेश में दहेज हत्या करने वालों की जगह सिर्फ जेल या कब्रगाह है।
लेकिन असली सवाल यही है कि जब सरकार “महिला सुरक्षा” और “बुलडोज़र न्याय” की बात करती है, तब आखिर निक्की जैसी मासूम बेटियों को क्यों नहीं बचा पाती? क्यों बार-बार पंचायतें और शिकायतें होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती? निक्की की मौत सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के माथे पर कलंक है। अगर सरकार अब भी सख्ती नहीं दिखाती तो यह साफ हो जाएगा कि बुलडोज़र और एनकाउंटर सिर्फ चुनावी नारे हैं, न्याय का असली चेहरा नहीं।
Share this content:
