भारत में नए अमेरिकी राजदूत बने सर्जियो गोर, ट्रंप के करीबी और मस्क के साथ विवादों में भी रहे चर्चा में
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी और व्हाइट हाउस राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय के निदेशक सर्जियो गोर को भारत का नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया है। ट्रंप ने इस फैसले का ऐलान सोशल मीडिया पर करते हुए कहा कि गोर न केवल भारत में राजदूत की भूमिका निभाएंगे बल्कि उन्हें दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत की जिम्मेदारी भी दी गई है। इस घोषणा के बाद गोर ने भी सोशल मीडिया के जरिए ट्रंप का धन्यवाद दिया और कहा कि किसी देश में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है।
सर्जियो गोर का जन्म 1986 में उज्बेकिस्तान (तत्कालीन सोवियत संघ) में हुआ था। इसके बाद उनका परिवार माल्टा में रहा और फिर 1999 में अमेरिका चला आया। उन्होंने लॉस एंजिल्स में स्कूली पढ़ाई करने के बाद जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। शुरुआती दिनों में गोर का पूरा नाम गोरोक्होव्स्की था, लेकिन आगे चलकर उन्होंने अपना नाम छोटा कर ‘गोर’ रख लिया। राजनीतिक करियर की शुरुआत उन्होंने 2008 में रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन मैककेन के राष्ट्रपति अभियान से की थी। इसके बाद उन्होंने सीनेटर रैंड पॉल के साथ भी काम किया और बाद में ट्रंप के बेहद नजदीकी सहयोगी बन गए।
गोर ने जून 2020 में सीनेटर पॉल का पद छोड़कर ट्रंप विक्ट्री फाइनेंस कमेटी का हिस्सा बने। इसके तुरंत बाद उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ भी बतौर सलाहकार और प्रकाशन प्रबंधक काम किया। नवंबर 2024 में ट्रंप ने गोर को व्हाइट हाउस राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय का निदेशक नियुक्त किया, जहां उन्होंने हजारों कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देने का काम किया। इसी दौरान वे विवादों में भी रहे, खासकर एलन मस्क के साथ उनकी तनातनी को लेकर। दरअसल, ट्रंप और मस्क के बीच विवाद की एक वजह गोर भी बने, जिसके बाद मस्क ने उन्हें “सांप” कहकर निशाना साधा था।
सर्जियो गोर का नाम रूस से भी जोड़ा जाता है। 2018 में वे सीनेटर पॉल के साथ मास्को की यात्रा पर गए थे, जहां रूस-अमेरिका संबंधों को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा लीक हुई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया था कि 2017 में वे मास्को की एक रहस्यमयी यात्रा पर गए थे, जिसके कारण आज भी उनके रूस से रिश्तों को लेकर सवाल उठते रहते हैं। हालांकि उन्होंने कभी सार्वजनिक तौर पर इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उनके जन्मस्थान को लेकर भी हमेशा विवाद रहा है—कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें ताजिकिस्तान का बताया गया, तो कुछ में कजाकिस्तान या माल्टा का।
भारत में सर्जियो गोर की तैनाती ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका-भारत संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी हो रही है। इससे पहले एरिक गार्सेटी ने मई 2023 से जनवरी 2025 तक भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्य किया था। उनके पद छोड़ने के बाद यह जिम्मेदारी खाली थी। अब ट्रंप ने अपने भरोसेमंद सहयोगी गोर को यह जिम्मेदारी सौंपी है। गोर की नियुक्ति से यह साफ है कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के रिश्तों में नई दिशा देखने को मिल सकती है, खासकर व्यापार, तकनीकी सहयोग और एशियाई सुरक्षा मामलों में उनकी भूमिका अहम रहने वाली है।
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