US ने लगाया टैरिफ, इंडियन कंपनी बोली- रूस से ऑयल इंपोर्ट जारी रहेगा
अमेरिका द्वारा रूसी तेल पर टैरिफ लगाने के बाद भारतीय तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने स्पष्ट किया है कि वह रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत को चेतावनी दी थी कि रूस से तेल खरीदने पर कुल 50 प्रतिशत का टैरिफ लागू किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि तेल की खरीदारी पूरी तरह इकोनॉमी के आधार पर होगी, यानी सस्ता और किफायती विकल्प चुना जाएगा।
आईओसीएल के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में रूस से आयातित कच्चे तेल का हिस्सा उनके कुल आयात का लगभग 24% था, जो पिछले वर्ष 22% था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि चालू तिमाही में रूस से तेल की खरीदारी उनकी फाइनेंशियल स्थिति और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
कंपनी ने अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान के तहत 34,000 करोड़ रुपये का निवेश तय किया है। इसमें 14,000-15,000 करोड़ रुपये रिफाइनरी ऑपरेशंस के लिए और 15,000-16,000 करोड़ रुपये पेट्रोकेमिकल्स, मार्केटिंग, पाइपलाइंस और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए खर्च किए जाएंगे। रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए पानीपत और गुजरात की रिफाइनरी के विस्तार कार्य इस साल के अंत तक शुरू हो जाएंगे।
इसके अलावा, बिहार की बरौनी रिफाइनरी का विस्तार, जो 6 MMTPA से बढ़ाकर 9 MMTPA करेगा, अगस्त 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी ने बढ़ी हुई लागत के कारण प्रोजेक्ट कॉस्ट को 13,779 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16,724 करोड़ रुपये करने की मंजूरी भी दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और IOCL को अपनी रणनीति के अनुसार कच्चा तेल खरीदने की स्वतंत्रता मिल जाएगी। अमेरिका के टैरिफ का प्रभाव केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार की परिस्थितियों और मूल्य निर्धारण पर निर्भर करेगा।
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