टैरिफ लगाने के बावजूद कम नहीं होगी अमेरिका की आर्थिक परेशानी, बढ़ता जा रहा कर्ज का बोझ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में आयातित वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाकर देश की कमाई बढ़ाई है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका की आर्थिक मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में टैरिफ कलेक्शन 150 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, लेकिन यह राशि अमेरिकी कर्ज के विशाल पहाड़ को घटाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
इस साल अप्रैल में ट्रंप प्रशासन ने लगभग सभी आयातित वस्तुओं पर 10% टैरिफ लगाया, वहीं कुछ देशों के साथ व्यापार घाटे के आधार पर अतिरिक्त टैक्स भी बढ़ाए गए। इसके चलते पहले चार महीनों में करीब 100 अरब डॉलर की कमाई हुई, जो पिछले साल की तुलना में तीन गुना से अधिक है। यह वृद्धि दिखाती है कि टैरिफ से अमेरिका की राजस्व में बड़ी वृद्धि हुई है।
फिर भी, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि टैरिफ से होने वाली आय कुल कर्ज के सामने बेहद कम है। अनुमान है कि हर साल टैरिफ से लगभग 300 अरब डॉलर की कमाई हो सकती है, लेकिन यह राशि अमेरिका के कुल सार्वजनिक कर्ज के मुकाबले नगण्य है।
वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने फॉक्स बिजनेस को बताया कि टैरिफ कलेक्शन प्रति माह 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि, इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होने की बजाय वैश्विक व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ने का खतरा है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक नुकसान संभव है।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति से कुछ राजस्व जरूर बढ़ेगा, लेकिन देश के कर्ज के पहाड़ को झुकाने के लिए इससे कहीं अधिक स्थायी और व्यापक आर्थिक सुधारों की आवश्यकता है। टैरिफ से मिलने वाली रकम देश की बढ़ती आर्थिक चुनौतियों का हल नहीं बन पाएगी।
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