NDA संसदीय दल की बैठक में गरजे पीएम मोदी, बोले- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा कर विपक्ष ने खुद के पैर पर मारा पत्थर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद भवन में आयोजित NDA संसदीय दल की बैठक में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में हुई चर्चा को विपक्ष की बड़ी भूल करार देते हुए कहा कि इस मुद्दे को उठाकर विपक्ष ने खुद की ही फजीहत करा ली है। पीएम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “ऐसा विपक्ष कहां मिलेगा, जो खुद अपने ही पैर पर पत्थर मारता है।”
इस अहम बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, सांसद कंगना रनौत, और NDA के तमाम बड़े नेता शामिल हुए। इस दौरान सांसदों ने ‘जय श्रीराम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाकर पीएम का स्वागत किया और रक्षामंत्री ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया।
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पार्टी सांसदों को कई निर्देश भी दिए। उन्होंने आगामी ‘तिरंगा यात्रा’, ‘खेल दिवस’, और अन्य राष्ट्रवादी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने सांसदों को अपने-अपने क्षेत्र में जनसंपर्क और राष्ट्रहित के आयोजनों में जुटने का आह्वान किया।
विपक्ष की आलोचना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस की मांग करके विपक्ष ने राजनीतिक आत्मघात कर लिया। उन्होंने कहा, “यह तो वैसा ही है जैसे कोई ‘आ बैल मुझे मार’ कहे।” पीएम ने कहा कि इस तरह की बहस तो बीजेपी की ताकत की जमीन है और यहां भगवान भी उनके साथ हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेता राहुल गांधी पर जो टिप्पणी की, उसके बाद कुछ कहने की जरूरत नहीं बचती।
बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ को लेकर एक प्रस्ताव भी पास किया गया, जिसमें भारतीय सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी रणनीतिक सफलता के लिए बधाई दी गई। यह बैठक मानसून सत्र के दौरान NDA सांसदों की पहली संगठित बैठक थी, जिसमें पीएम मोदी ने नव-निर्वाचित सांसदों से भी मुलाकात की।
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ संकेत मिला कि सत्ताधारी गठबंधन ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को चुनावी रणनीति में बदलना चाहता है, वहीं विपक्षी दल इसे घेरने के चक्कर में उलझते नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी की आक्रामक शैली और राजनीतिक व्यंग्य ने NDA सांसदों में नई ऊर्जा भरने का काम किया है।
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