महाराष्ट्र: कोचिंग क्लास की सीट को लेकर छात्र की पीट-पीटकर हत्या, नाबालिग हमलावर हिरासत में
महाराष्ट्र के नासिक से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। महज एक क्लासरूम की बेंच पर बैठने की मामूली बात को लेकर दो नाबालिग छात्रों ने अपने ही सहपाठी की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान 16 वर्षीय यशराज गंगुर्डे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यशराज एक निजी कोचिंग क्लास में पढ़ता था, जहां यह भयानक वारदात घटी।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब यशराज और दो अन्य छात्रों के बीच सीट को लेकर पहले कहासुनी हुई थी। इस झगड़े को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था, लेकिन 2 अगस्त की दोपहर यह मामला हिंसक रूप ले बैठा। जैसे ही यशराज कोचिंग क्लास से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे दो नाबालिगों ने उस पर हमला बोल दिया। लात-घूंसे और डंडों से तब तक पीटा, जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्र को जमीन पर गिरा देखकर भी हमलावर नहीं रुके। राहगीरों ने जब शोर मचाया, तब जाकर आरोपी मौके से फरार हुए। गंभीर हालत में यशराज को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
जांच में सामने आया है कि यशराज और हमलावर छात्र पहले भी कई बार आपस में भिड़ चुके थे। हालांकि, यह हिंसा इस हद तक पहुंच जाएगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोचिंग क्लास में स्टाफ और प्रशासन ने समय रहते इस विवाद को गंभीरता से लिया होता, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।
पुलिस ने फिलहाल आरोपियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, मृतक छात्र के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई में होशियार था और इंजीनियर बनना चाहता था, लेकिन एक मामूली झगड़े ने उसके सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
यह घटना ना सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज के भीतर बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति को भी उजागर करती है। स्कूल और कोचिंग संस्थानों में बढ़ रही आक्रामकता को नियंत्रित करने के लिए अब ठोस कदम उठाना बेहद ज़रूरी हो गया है। एक सीट के लिए इस तरह किसी मासूम की जान ले लेना हमारे सामाजिक ताने-बाने पर गहरा प्रहार है।
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