EPFO ने निवेश से कमाया 1.07 लाख करोड़ का जबरदस्त मुनाफा, शेयर बाजार की मजबूती बनी वजह
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में अपने इक्विटी निवेश से 1.07 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। यह अब तक का सबसे बड़ा तिमाही रिटर्न माना जा रहा है, जो शेयर बाजार में तेजी के कारण संभव हो पाया है। इस कमाई से करोड़ों कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों को मजबूती मिलेगी और संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।
शेयर बाजार की तेजी बनी कमाई की प्रमुख वजह
EPFO ने अपने निवेश का करीब 15 फीसदी हिस्सा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के माध्यम से शेयर बाजार में लगाया है। अप्रैल से जून 2025 के बीच शेयर बाजार में तेज़ उछाल देखने को मिला, जिससे EPFO की इन्वेस्टमेंट वैल्यू में जबरदस्त बढ़त आई। सेंसेक्स और निफ्टी ने इस दौरान नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ, जिसका सीधा लाभ EPFO को मिला।
अब तक का सबसे बड़ा तिमाही लाभ
जानकारों के अनुसार, यह लाभ EPFO के अब तक के किसी भी तिमाही मुनाफे से अधिक है। इससे पहले इतने बड़े स्तर पर रिटर्न कभी दर्ज नहीं किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रुझान जारी रहता है, तो साल के अंत तक EPFO के कुल इक्विटी पोर्टफोलियो का आकार और मुनाफा दोनों नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं।
ब्याज दरों में इज़ाफे की उम्मीद
EPFO की इस मजबूत कमाई के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। अभी EPFO ने अपने सदस्यों को 8.25% की ब्याज दर देने का ऐलान किया है, लेकिन बढ़े हुए रिटर्न को देखते हुए भविष्य में इसमें और इज़ाफा संभव है। इसका सीधा फायदा करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा।
वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता की तारीफ
EPFO के इस मुनाफे ने संस्था की निवेश रणनीति और पारदर्शिता को लेकर भरोसा और मजबूत किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सार्वजनिक धन का सही दिशा में निवेश और सही समय पर उठाए गए फैसले EPFO की एक बड़ी सफलता हैं। यह मुनाफा भविष्य के लिए भी एक मजबूत संकेत देता है कि सरकार का रिटायरमेंट फंड सिस्टम अब और ज्यादा स्थिर और सुरक्षित बनता जा रहा है।
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