दिग्विजय सिंह का नाम लेना भी अपशकुन, आतंक का धर्म और रंग होता है: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का विवादित बयान
भोपाल पहुंचने के बाद सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह दिग्विजय सिंह का नाम भी नहीं लेना चाहतीं क्योंकि उनका नाम लेना ही दिन खराब कर देता है। उन्होंने उन्हें ‘दिग्भ्रमित’ कहा और दावा किया कि वह ऐसे व्यक्ति के बारे में बात नहीं करना चाहतीं जो सिर्फ भ्रामक बातें फैलाता है।
साध्वी प्रज्ञा ने आतंकवाद को लेकर भी विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि आतंकवाद का कोई धर्म या रंग नहीं होता, क्योंकि उनके अनुसार आतंक का धर्म और रंग दोनों होते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को हमेशा हरे रंग के झंडे के तले अंजाम दिया गया है, और इसी को छुपाने के लिए ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसा शब्द गढ़ा गया, जो पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित था।
उन्होंने कांग्रेस पर भी आरोप लगाए कि पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति के चलते ऐसे झूठे नैरेटिव को बढ़ावा दिया और असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया। साध्वी ने दावा किया कि कांग्रेस ने सनातन संस्कृति को बदनाम करने के लिए एक साजिश के तहत भगवा आतंकवाद का प्रोपेगेंडा फैलाया और उन्हें झूठे केस में फंसाया गया।
मालेगांव विस्फोट मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनसे पूछताछ के दौरान जबरन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने मना किया तो उन्हें टॉर्चर किया गया और मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की गई।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हालिया आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए साध्वी ने दावा किया कि वहां यात्रियों से कपड़े उतरवाकर धर्म के आधार पर पहचान की जा रही थी और विशेष रूप से हिन्दुओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे एक पूर्व नियोजित हमला बताया और कहा कि यह घटना दर्शाती है कि किस तरह से धर्म के नाम पर हिंसा की जा रही है, जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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