जेन स्ट्रीट जांच में नहीं कर रही सहयोग, सेबी की कार्यवाही के बाद अब आयकर विभाग भी सख्त
अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट एक बार फिर विवादों में घिर गई है. 37,000 करोड़ रुपये के कथित फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस घोटाले में फंसी इस कंपनी पर पहले सेबी ने अस्थायी रूप से बैन लगाया था, जिसे कुछ समय बाद हटा दिया गया. लेकिन अब आयकर विभाग की पूछताछ में जेन स्ट्रीट कोई सहयोग नहीं कर रही है, जिससे जांच प्रक्रिया बाधित हो रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, आयकर विभाग ने कंपनी से कुछ जरूरी दस्तावेज और सर्वर डेटा मांगे थे, जिसे देने से वह बच रही है. कंपनी का सर्वर देश के बाहर स्थित है, और वह भारत में मौजूद नहीं है. साथ ही जेन स्ट्रीट के अकाउंट्स और रिकॉर्ड भी विदेश में रखे गए हैं, जो जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर हैं. इससे एजेंसियों को फ्रॉड के प्रमाण इकट्ठा करने में मुश्किलें हो रही हैं.
गौरतलब है कि सेबी ने पहले जेन स्ट्रीट पर आरोप लगाया था कि उसने भारत में जनवरी 2023 से मई 2025 के बीच डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में गड़बड़ियां कीं, जिससे कंपनी ने करीब 4.23 बिलियन डॉलर का फ्रॉड किया. जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि कंपनी की ओर से सहयोग न मिलने के कारण कई अहम पहलुओं तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आयकर विभाग और प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी और भी सख्त हो सकती है.
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