केरल में भारी बारिश से तबाही, पेड़ गिरने से बुजुर्ग की मौत, सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
केरल इन दिनों मूसलाधार बारिश की चपेट में है। शुक्रवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं और जलप्रलय जैसे हालातों ने कई जिलों में तबाही मचा दी है। कोझिकोड, कोट्टायम, इडुक्की और मलप्पुरम जैसे जिलों में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को सात जिलों – अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझिकोड – में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट 11 से 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश की चेतावनी देता है। अलर्ट के साथ-साथ लोगों को घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
बारिश की वजह से राज्य के बांधों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वायनाड में बाणासुर सागर और पलक्कड़ जिले में अलियार बांध के गेट खोल दिए गए हैं। बांध के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने जलप्रवाह के बढ़ने से संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आपात तैयारियां शुरू कर दी हैं।
केरल के कन्नूर जिले में एक दर्दनाक हादसे में 78 वर्षीय बुजुर्ग की पेड़ गिरने से मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 2 बजे की है जब चंद्रन नामक व्यक्ति अपने घर में सो रहे थे। तेज हवाओं के साथ गिरा एक पेड़ उनके घर पर टूटकर गिरा और चंद्रन उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे ने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
IMD के अनुसार, महाराष्ट्र से लेकर केरल तट तक बने निम्न दबाव क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में उठे सिस्टम के कारण अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार से रविवार तक राज्य के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।
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