UP: प्रेग्नेंसी टेस्ट के आदेश से नाराज प्रशिक्षु महिला सिपाहियों का हंगामा, बाथरूम में कैमरे को लेकर भड़का विवाद_P
गोरखपुर के बिछिया स्थित 26वीं वाहिनी पीएसी ट्रेनिंग सेंटर में 2023 बैच की 598 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने खराब व्यवस्थाओं और कुछ विवादास्पद आदेशों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने का अनावश्यक आदेश दिया गया, साथ ही बाथरूम के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे उनकी निजता भंग हो रही है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कई प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा।
महिला सिपाहियों का यह हंगामा मुख्य रूप से प्रेग्नेंसी टेस्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ था, जो चार दिन पहले जारी किया गया था। इसके अलावा, प्रशिक्षण केंद्र में पानी की कमी, खराब भोजन, बिजली कटौती और आरटीसी प्रभारी द्वारा अभद्र व्यवहार भी उनके गुस्से का कारण बना। शिकायत करने पर अधिकारीयों की ओर से धमकियों और गालियों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन तेज होने पर शासन ने सेनानायक आनंद कुमार और प्लाटून कमांडर संजय राय को निलंबित कर दिया है, जबकि पीटीएस के डीआईजी रोहन पी. कनय को प्रतीक्षारत रखा गया है। वहीं, निहारिका शर्मा को 26वीं वाहिनी का नया प्रभारी सेनानायक नियुक्त किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी मामला छाया रहा, जहां अफवाहें फैलने पर एडीजी पीएसी ने कैमरे लगाने की बात को पूरी तरह से निराधार बताया और अनुशासनहीनता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। आईजी पीएसी मध्य जोन डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि बाथरूम में कैमरे लगाने का कोई तथ्य नहीं है और जलापूर्ति में तकनीकी समस्या के कारण अस्थायी परेशानी हुई थी, जिसे सुधार दिया गया है।
महिला प्रशिक्षुओं के इस प्रदर्शन ने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में बेहतर सुविधाओं और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है। प्रशासन की ओर से जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया है, जिससे अब माहौल शांत हो रहा है।
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