करुण नायर नहीं कर पाए जो काम, साई सुदर्शन ने मैनचेस्टर में कर दिखाया कमाल
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है, जहां एक युवा बल्लेबाज़ ने खुद को साबित कर दिया है। बात हो रही है साई सुदर्शन की, जिन्होंने अपने दूसरे ही टेस्ट मैच में अर्धशतक लगाकर टीम इंडिया की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। वहीं दूसरी ओर, करुण नायर को लगातार मौके मिलने के बावजूद वे कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सके और आखिरकार प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए।
सीरीज की शुरुआत में करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों को पहला टेस्ट खेलने का मौका मिला था। उस मुकाबले में दोनों ही बल्लेबाज असफल रहे, लेकिन साई सुदर्शन को तुरंत बाहर कर दिया गया। इसके उलट, करुण नायर को लगातार तीन टेस्ट में नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका दिया गया। उन्होंने छह पारियों में बल्लेबाज़ी की, लेकिन एक भी बार बड़ी पारी नहीं खेल सके। उनका सर्वोच्च स्कोर 40 रन रहा और हर बार अच्छी शुरुआत के बावजूद वे जल्दी आउट हो गए।
मैनचेस्टर टेस्ट में करुण नायर की जगह साई सुदर्शन को टीम में शामिल किया गया और उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से लपक लिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए साई ने 151 गेंदों में 61 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसमें सात चौके शामिल थे। हालांकि यह पारी बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक, धैर्य और समझदारी से यह साबित कर दिया कि वे इस स्तर पर टिकने की क्षमता रखते हैं।
अब साई सुदर्शन की इस पारी के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि उन्हें अंतिम टेस्ट में भी मौका मिलेगा। अभी उनके पास दूसरी पारी भी बाकी है और अगर वे वहां भी योगदान दे पाए, तो टीम में उनकी जगह और पक्की हो जाएगी। वहीं करुण नायर के लिए यह सीरीज अब लगभग एक खोया हुआ मौका बन गई है।
टीम इंडिया मैनेजमेंट के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि क्या करुण नायर को आगे भी मौका मिलेगा या साई सुदर्शन को दीर्घकालिक विकल्प के रूप में देखा जाएगा। फिलहाल तो यह साफ है कि जो करुण नायर तीन मैचों में नहीं कर सके, वो साई सुदर्शन ने एक पारी में कर दिखाया है।
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