May 1, 2026

इजराइल युद्ध के बाद ईरान ने तैनात किया स्वदेशी बावर-373 डिफेंस सिस्टम, रूस पर नहीं रहा भरोसा

हाल ही में इजराइल से हुए युद्ध के बाद अपने कमजोर पड़ चुके वायु रक्षा तंत्र को फिर से मजबूत करने के लिए ईरान ने स्वदेशी रूप से विकसित बावर-373 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती कर दी है। ईरान का दावा है कि यह प्रणाली रूस के एस-400 और अमेरिका के पैट्रियट सिस्टम के समकक्ष है, जिसकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर तक है। इससे पहले ईरान ने रूस का एस-300 सिस्टम तैनात किया था, जो युद्ध में विफल साबित हुआ।

ईरान के इस कदम को पश्चिमी देशों के साथ चल रहे तनाव और अमेरिका की ओर से जारी समझौता करने की अंतिम समयसीमा के बीच एक निर्णायक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका ने ईरान को अगस्त 2025 के अंत तक परमाणु और रक्षा मसलों पर समझौते का अल्टीमेटम दिया है, जिसके उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इजराइल के साथ हुए युद्ध में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से नाकाम रहा था। इजराइली जेट आसानी से तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में प्रवेश कर गए और भारी बमबारी की गई। अमेरिका ने भी B-2 बॉम्बर्स के जरिये ईरान के तीन शहरों पर हमले किए थे। इस हमले के बाद ईरान को एहसास हुआ कि मौजूदा विदेशी डिफेंस सिस्टम उसकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस दौरान बयान दिया कि अगर ईरान ने एस-400 सिस्टम लिया होता तो उसे काफी मदद मिलती, लेकिन ईरान ने इस दिशा में रूचि नहीं दिखाई। अब ईरान ने अपने ही सिस्टम पर भरोसा जताते हुए बावर-373 को पूरी तरह तैनात करने का फैसला किया है। इस सिस्टम को 2016 में विकसित किया गया था, लेकिन इसका सार्वजनिक अनावरण 2024 में किया गया।

बावर-373 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस है और लंबी दूरी तक निशाना साधने की क्षमता रखता है। ईरान ने दावा किया था कि उसने इसी सिस्टम की मदद से इजराइल का एफ-35 जेट गिराया था, हालांकि इसका कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया। ईरान का यह कदम उसके आत्मनिर्भर रक्षा नीति की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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