दिल्ली में फ्री बस यात्रा अब सिर्फ दिल्ली की महिलाओं के लिए, बाहर की महिलाओं को देना होगा किराया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना में बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है कि अब केवल उन्हीं महिलाओं को फ्री सफर की सुविधा मिलेगी, जिनका आधार कार्ड दिल्ली का है। इसके तहत अब ‘पिंक टिकट’ की जगह ‘पिंक पास’ लागू होगा जो केवल दिल्ली की महिला निवासियों को ही मिलेगा।
इस फैसले से दिल्ली में रहने वाली उन हजारों महिलाओं को झटका लगा है जिनका मूल निवास किसी अन्य राज्य में है लेकिन वे दिल्ली में काम करती हैं। इन महिलाओं ने इसे “भेदभाव” बताते हुए अपनी परेशानियां साझा की हैं। कोई घरेलू कामगार है, कोई छात्रा, कोई नर्सिंग असिस्टेंट — सभी का कहना है कि अब उन्हें हर महीने सैकड़ों रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे जो उनकी सैलरी और जीवन पर भारी पड़ेगा।
नए नियमों के तहत अब सिर्फ दिल्ली की महिला नागरिकों और ट्रांसजेंडर निवासियों को ही डीटीसी व क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे बाहर की महिलाएं वंचित होंगी, चाहे वे दिल्ली में कितने भी वर्षों से रह रही हों।
इस नीति पर कई सवाल उठने लगे हैं, खासकर उन कामकाजी महिलाओं की तरफ से जो दिल्ली की आर्थिक व्यवस्था का हिस्सा हैं लेकिन अब खुद को ‘बाहरी’ मानकर अलग-थलग महसूस कर रही हैं।
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