89 साल से मैनचेस्टर में टीम इंडिया को पहली जीत का इंतजार, चौथे टेस्ट में इतिहास बदलने का मौका
टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज अब बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। चौथा टेस्ट मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा, जहां भारत का रिकॉर्ड अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। टीम इंडिया ने इस मैदान पर 89 सालों में 9 टेस्ट खेले हैं, लेकिन एक भी जीत दर्ज नहीं की है। ऐसे में यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए सिर्फ सीरीज बराबर करने का ही नहीं, बल्कि इतिहास बदलने का भी सुनहरा मौका होगा।
अब तक के आंकड़ों की बात करें तो ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत ने 4 टेस्ट मुकाबले गंवाए हैं जबकि 5 ड्रॉ रहे हैं। इस मैदान पर भारत ने आखिरी बार 2021 में टेस्ट खेलने की योजना बनाई थी, लेकिन कोविड के कारण वह मुकाबला रद्द हो गया था। 1936 से अब तक भारत को इस मैदान पर जीत न मिलना एक कड़वी हकीकत है, जो हर दौरे में दोहराई जाती रही है। इस बार उम्मीदें कप्तान शुभमन गिल और उनकी युवा ब्रिगेड पर टिकी हैं।
ओल्ड ट्रैफर्ड का यह मैदान भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए कुछ खास यादें भी संजोए हुए है। साल 1990 में यहां ही मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला इंटरनेशनल शतक जड़ा था। महज 17 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में 119 रन बनाकर उन्होंने न सिर्फ टीम इंडिया को हार से बचाया बल्कि ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब भी अपने नाम किया था।
वर्तमान सीरीज की बात करें तो इंग्लैंड 2-1 से बढ़त में है। पहले दो टेस्ट में भारत ने कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन लॉर्ड्स में पूरी बल्लेबाजी लाइनअप लड़खड़ा गई। अब चौथे टेस्ट में जीत जरूरी है ताकि सीरीज जिंदा रह सके। पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, इसलिए गिल, यशस्वी और बाकी बल्लेबाजों को बड़े स्कोर की दरकार होगी।
अगर भारत यह मुकाबला जीतने में सफल होता है तो 89 साल पुराना सूखा खत्म हो जाएगा और सीरीज भी बराबरी पर आ जाएगी। लेकिन इसके लिए टीम को हर विभाग में संयम और मजबूती दिखानी होगी। ओल्ड ट्रैफर्ड में जीत दर्ज कर इतिहास रचने का यह शायद सबसे सही मौका है।
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