May 3, 2026

क्या अब ‘पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन’ कहलाएगा ‘महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन’? सीएम रेखा गुप्ता ने उठाई नाम बदलने की मांग

दिल्ली में भी अब स्थानों के नाम बदलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। राजधानी के ऐतिहासिक पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की सिफारिश खुद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की है। उन्होंने इस स्टेशन का नाम ‘महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन’ रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजा है। यह कदम महाराजा अग्रसेन के सामाजिक योगदान और दिल्ली के साथ उनके ऐतिहासिक जुड़ाव को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने पत्र में कहा कि यह स्टेशन न केवल दिल्ली का सबसे पुराना रेलवे स्टेशन है, बल्कि राजधानी की पहचान भी है। ऐसे में इसका नाम महाराजा अग्रसेन के नाम पर रखे जाने से यह दिल्लीवासियों की भावनाओं से सीधे जुड़ जाएगा। उन्होंने लिखा, “महाराजा अग्रसेन सामाजिक न्याय, आर्थिक दूरदर्शिता और सामूहिक कल्याण के प्रतीक थे। उनके अनुयायी आज भी दिल्ली की प्रगति में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व को उचित सम्मान मिलना चाहिए।”

160 साल पुराना स्टेशन

पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, जिसे पहले ‘दिल्ली जंक्शन’ के नाम से जाना जाता था, का निर्माण 1864 में हुआ था। यह दिल्ली का सबसे पुराना रेलवे स्टेशन है और आज भी ऐतिहासिक विरासत की तरह देखा जाता है। चांदनी चौक के पास स्थित इस स्टेशन से रोज़ाना हजारों यात्री यात्रा करते हैं और यहां करीब 18 प्लेटफॉर्म्स हैं।

कौन थे महाराजा अग्रसेन?

महाराजा अग्रसेन प्राचीन भारत के सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा थे, जो हरियाणा के अग्रोहा (वर्तमान हिसार जिला) के शासक थे। उन्हें समाजवाद और आर्थिक न्याय के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। माना जाता है कि उन्होंने अपने राज्य में ‘एक ईंट, एक रुपया’ की नीति लागू की थी, ताकि हर नया परिवार सम्मान और सहायता के साथ अपना जीवन शुरू कर सके।

आज देशभर में अग्रवाल समाज के लोग उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं और दिल्ली जैसे महानगर में उनका प्रभाव सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी गहरा है।

राजनीतिक और सामाजिक मायने

इस प्रस्ताव को दिल्ली की राजनीति और सामाजिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजधानी में अग्रवाल समाज की बड़ी आबादी है और चुनावी लिहाज से यह वर्ग प्रभावशाली माना जाता है। अगर यह नाम बदला जाता है, तो इससे एक बड़े समुदाय में राजनीतिक संदेश भी जाएगा।

अब देखना होगा कि रेल मंत्रालय इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है और क्या पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन को आने वाले वक्त में महाराजा अग्रसेन के नाम से जाना जाएगा या नहीं।

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