इजराइल-ईरान जंग थमी, लेकिन अजरबैजान की बढ़ी बेचैनी – ईरान से रिश्ते सुधारने की कवायद तेज़
जैसे ही पश्चिम एशिया में इजराइल और ईरान के बीच सीज़फायर हुआ, अजरबैजान की धड़कनें तेज़ हो गईं। युद्ध से सीधे तौर पर न जुड़ा होने के बावजूद इस छोटे से शिया बहुल देश पर इतने आरोप लगे कि अब वह खुद को पाक-साफ़ साबित करने में जुट गया है। अजरबैजान अब ईरान के साथ डैमेज कंट्रोल में लग गया है और इसके लिए राष्ट्रपति स्तर पर बातचीत का सहारा लिया गया है।
दरअसल, युद्ध के दौरान ईरान समर्थित कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इजराइल ने ईरान पर हमला करने के लिए अजरबैजान के एयरस्पेस का इस्तेमाल किया। यही नहीं, उस पर इजराइली ड्रोन्स को उड़ान भरने की अनुमति देने और यहां तक कि तेल बेचने के आरोप भी लगे। हालात तब और बिगड़े जब 21 मुस्लिम देशों ने एक साझा बयान जारी कर इजराइल के हमले की निंदा की, मगर अजरबैजान ने उस बयान से खुद को अलग रखा। इस चुप्पी को भी उसकी इजराइल समर्थक भूमिका की पुष्टि माना गया।
इन सारे आरोपों के बाद शुक्रवार को अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान के राष्ट्रपति मसीह पेजेशकियन से संपर्क किया। बातचीत में अलीयेव ने साफ़ कहा कि उनका देश युद्ध में किसी पक्ष का नहीं था और उन्होंने इजराइल की किसी भी तरह से मदद नहीं की। उन्होंने एयरस्पेस में ड्रोन्स की उपस्थिति की निष्पक्ष जांच की बात कही और भरोसा दिया कि जांच के बाद रिपोर्ट ईरान को सौंपी जाएगी।
बातचीत में अलीयेव ने मुस्लिम एकता की बात भी उठाई और ईरान में मारे गए लोगों के लिए संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि यहूदी शासन को रोकना जरूरी था और जो शांति स्थापित हुई है, वह स्वागत योग्य है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि अजरबैजान अब ईरान के साथ रिश्तों को बिगड़ने से रोकना चाहता है।
दरअसल, अजरबैजान को डर है कि यदि ईरान नाराज़ हुआ तो वह दोबारा अपने पुराने पैंतरों पर लौट सकता है। साल 2012 से 2016 के बीच ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह ने अजरबैजान में कई बार अस्थिरता फैलाई थी। इसके अलावा हाल ही में ईरान ने अजरबैजान और तुर्किए के बीच बन रहे ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को भी रोक दिया था, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक हित प्रभावित हुए।
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि जंग के मैदान से दूर रहने के बावजूद अजरबैजान अब उस आग की तपिश महसूस कर रहा है जो इजराइल और ईरान के टकराव से उठी है। लिहाज़ा वह अब जल्दबाज़ी में ईरान के साथ अपने रिश्ते सुधारने की हर संभव कोशिश में जुट गया है।
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