May 5, 2026

‘मैं वैसा आदमी नहीं हूं…’ जब खुद को देखकर डर गए थे संजय दत्त, कहा- ये मेरी सबसे मुश्किल फिल्म थी

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने अपने लंबे करियर में कई किरदार निभाए—हीरो से लेकर विलेन तक—but एक ऐसा किरदार भी रहा जिसने खुद उन्हें हिला दिया। एक ऐसा रोल जिसे निभाने के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि वो खुद को पर्दे पर देखकर डर गए थे। ये वो वक्त था जब उन्हें यह एहसास हुआ कि अभिनय सिर्फ कला नहीं, भीतर तक असर करने वाला अनुभव होता है।

संजय दत्त, जिन्होंने 1981 में फिल्म ‘रॉकी’ से अपना करियर शुरू किया था, चार दशकों से ज्यादा समय में सिनेमा के हर रंग को जी चुके हैं। लेकिन एक टीवी शो में जब उनसे पूछा गया कि उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्म कौन-सी रही, तो उन्होंने दो फिल्मों का नाम लिया—नाम (1986) और अग्निपथ (2012)। खासकर अग्निपथ को लेकर उन्होंने जो अनुभव साझा किया, वह चौंकाने वाला था।

अग्निपथ में संजय दत्त ने ‘कांचा चीना’ का किरदार निभाया था—एक क्रूर, निर्दयी और डरावना विलेन। फिल्म में उन्हें ऋतिक रोशन को चाकू मारने और बेरहमी से घसीटने जैसे दृश्य करने पड़े। संजय दत्त ने कहा, “मैं बेसिकली वैसा इंसान नहीं हूं। ऋतिक मेरे छोटे भाई जैसा है। जब मैंने ये सीन किए और बाद में डबिंग के दौरान खुद को देखा, तो मैं डर गया था।”

कांचा चीना का किरदार संजय दत्त के करियर का सबसे बोल्ड और डार्क किरदार माना गया। गंजा लुक, भारी शरीर और क्रूरता से भरे हाव-भावों ने इसे यादगार बना दिया। यह किरदार 1990 की अमिताभ बच्चन स्टारर अग्निपथ के रीमेक में निभाया गया था, जिसे 2012 में करण मल्होत्रा ने डायरेक्ट किया। फिल्म में ऋतिक रोशन ने विजय दीनानाथ चौहान और प्रियंका चोपड़ा ने काली गावड़े की भूमिका निभाई थी।

फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और दुनियाभर में 190 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की। लेकिन संजय दत्त के लिए ये सिर्फ एक फिल्म नहीं थी—यह एक भावनात्मक चुनौती थी, जो उन्हें किरदार से बाहर आकर भी झकझोर गई। खुद उनके शब्दों में, “ये मेरे करियर की सबसे मुश्किल फिल्मों में से एक थी।”

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