अहमदाबाद प्लेन हादसा: 8 पीड़ितों का DNA नहीं हुआ मैच, परिजनों से मांगा गया दूसरा सैंपल

अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे में मारे गए 8 पीड़ितों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, क्योंकि डीएनए जांच में उनके परिजनों द्वारा दिए गए पहले सैंपल का मिलान नहीं हो पाया। इस स्थिति को देखते हुए अब संबंधित परिवारों से दूसरे नजदीकी रिश्तेदारों का डीएनए सैंपल मांगा गया है, ताकि शवों की पुष्टि की जा सके और उन्हें विधिवत परिजनों को सौंपा जा सके।

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि जब डीएनए नमूना किसी शव से मेल नहीं खाता तो प्रक्रिया के तहत उसी परिवार के किसी अन्य सदस्य का सैंपल लिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डीएनए की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक शव परिजनों को नहीं सौंपा जा सकता। यह एक संवेदनशील प्रक्रिया है और इसमें पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

डॉ. जोशी ने बताया कि कुछ मामलों में पहले भाई या बहन से सैंपल लिया गया था, लेकिन अब उन परिवारों से दूसरे भाई-बहन या माता-पिता जैसे सगे संबंधियों का डीएनए नमूना मांगा गया है। डीएनए मिलान की यह प्रक्रिया हादसे में मारे गए लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान बीजे मेडिकल कॉलेज एवं सिविल अस्पताल के हॉस्टल परिसर में गिरा था, जिसमें 275 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। अब तक 247 शवों की पहचान हो चुकी है और उनके परिजनों को सौंपा जा चुका है। लेकिन इन 8 मामलों में डीएनए मिलान की जटिलता के कारण प्रक्रिया लंबित है।

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