April 30, 2026

शुभमन गिल का टूटा बल्ला और टेस्ट शतक: धागा चिपका कर खेलने के पीछे की पूरी कहानी

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल ने लीड्स टेस्ट के पहले दिन अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने नाबाद 127 रन बनाकर न सिर्फ अपनी कप्तानी की शानदार शुरुआत की, बल्कि टीम इंडिया को मज़बूत स्थिति में भी पहुंचाया। लेकिन इस पारी के पीछे एक दिलचस्प कहानी छिपी है – गिल का टूटा बल्ला और उस पर किया गया जुगाड़, जिसने इस शतक को और भी खास बना दिया।

क्या हुआ था गिल के बैट के साथ?

इंट्रा-स्क्वॉड वॉर्मअप मैच के दौरान शुभमन गिल का फेवरेट बैट टूट गया था।

यह मैच केंट, बेकेनहम में खेला गया था।

ट्रेनिंग के दौरान एक खतरनाक यॉर्कर ने गिल के बैट के टो (निचले हिस्से) को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

ये वही बल्ला था जिसे गिल मैचों में अक्सर उपयोग करते थे और जिससे उन्हें मानसिक मजबूती मिलती थी।

इंग्लैंड की कंपनी से मांगी मदद

शुभमन गिल ने इंग्लैंड की स्थानीय बैट रिपेयर कंपनी Cricfix_batservices से संपर्क किया।

कंपनी के मालिक ने इंस्टाग्राम पर इसका वीडियो शेयर किया और बताया कि कैसे गिल ने खुद उन्हें संदेश भेजा था।

उन्होंने बताया कि ये “भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल का बैट है, जिसे उन्होंने खुद ट्रेनिंग के दौरान तोड़ दिया।”

कैसे ठीक हुआ गिल का बैट?

कंपनी ने टो की रिपेयरिंग, धागे से बाइंडिंग, और फैब्रिक फेसिंग का इस्तेमाल किया।

बल्ले को पॉलिश और बफ किया गया ताकि वो पूरी तरह नया लगे।

यह सारा काम एक ही दिन में पूरा कर दिया गया और अगले दिन गिल ने उसी बल्ले से ट्रेनिंग की।

फिर लीड्स टेस्ट में चला वही बैट

ठीक कराया गया वही बैट शुभमन गिल ने लीड्स टेस्ट में इस्तेमाल किया।

और उसी से खेलते हुए उन्होंने नाबाद 127 रनों की कप्तानी पारी खेली।

यह शतक इसलिए भी खास था क्योंकि यह उनकी कप्तान के रूप में पहली टेस्ट पारी थी, और कई लोगों को लगा था कि कप्तानी का दबाव उन्हें प्रभावित कर सकता है।

 

गिल की यह कहानी दिखाती है कि एक खिलाड़ी की मानसिक ताकत और पसंदीदा उपकरण से उसका जुड़ाव कितना गहरा हो सकता है। एक टूटा हुआ बल्ला, एक लोकल कंपनी का योगदान, और कड़ी मेहनत के साथ खेली गई शतकीय पारी – यह सब मिलकर एक प्रेरणादायक क्रिकेट किस्सा बनाते हैं। गिल की यह पारी न केवल स्कोरबोर्ड पर चली, बल्कि लाखों क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर भी राज कर गई।

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