April 18, 2026

इतिहास की सबसे बड़ी सेंध: 16 अरब Apple, Google, Facebook अकाउंट्स के पासवर्ड लीक

दुनिया अब तक की सबसे बड़ी डेटा चोरी का सामना कर रही है. एक चौंकाने वाली साइबर सिक्योरिटी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि करीब 16 अरब पासवर्ड और लॉग-इन क्रेडेंशियल लीक हो गए हैं और ये डेटा डार्क वेब पर खुलेआम बिक्री के लिए उपलब्ध है. इस चोरी में Apple, Google, Facebook, Telegram, GitHub और यहां तक कि कई सरकारी एजेंसियों के अकाउंट्स भी शामिल हैं. अगर आप भी इन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो आपके अकाउंट पर खतरा मंडरा रहा है.

फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस डेटा लीक के पीछे कई तरह के इन्फोस्टीलर मैलवेयर जिम्मेदार हैं जो यूजर्स के डिवाइस से लॉगिन डिटेल्स चुराने में सक्षम हैं. साइबरन्यूज के शोधकर्ता विलियस पेटकॉस्कस ने बताया कि इस लीक में कुल 30 से अधिक डेटासेट शामिल हैं, जिनमें से हर एक में करीब 3.5 अरब अकाउंट्स के रिकॉर्ड पाए गए. इस तरह कुल संख्या 16 अरब से भी ज्यादा हो गई है, जो अब तक की सबसे भयावह साइबर घटना बन गई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यूजर्स ने अब भी लापरवाही दिखाई तो उन्हें फिशिंग अटैक, पहचान की चोरी और अकाउंट का कंट्रोल खोने जैसी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. Google ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने अरबों यूजर्स से पासवर्ड बदलने और पासकी (Passkeys) जैसे आधुनिक विकल्पों का इस्तेमाल करने की अपील की है.

साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सबसे जरूरी कदम है कि यूजर्स बिना देर किए अपने सभी महत्वपूर्ण अकाउंट्स का पासवर्ड बदलें. इसके अलावा, टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) को एक्टिव करना चाहिए ताकि अतिरिक्त सुरक्षा परत बन सके. पासवर्ड की बजाय अब पासकी जैसी तकनीक को अपनाना अधिक सुरक्षित और भविष्य के लिहाज से प्रभावी विकल्प माना जा रहा है.

यह डेटा लीक घटना न केवल यूजर्स के लिए एक अलार्म है बल्कि टेक कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है कि अब सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना और डेटा की रक्षा के लिए नई तकनीकों को जल्द लागू करना बेहद जरूरी हो गया है.

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