May 6, 2026

इजरायल-ईरान युद्ध में बड़ा खतरा: बस 10 दिन की एयर डिफेंस मिसाइलें बचीं, अमेरिका की मदद पर टिका भविष्य

ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध में अब मिसाइलों की गिनती युद्ध की दिशा तय कर रही है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है—इजरायल के पास अब केवल 10 से 12 दिन तक चलने लायक एयर डिफेंस इंटरसेप्टर बचे हैं। ये वही मिसाइलें हैं, जो ईरान की तरफ से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोकती हैं। शुक्रवार से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच कई बार घातक मिसाइलों की अदला-बदली हो चुकी है।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली लगातार ईरानी मिसाइलों को रोकने में जुटी है, लेकिन सवाल यह है कि कब तक? अमेरिकी और इजरायली खुफिया सूत्रों की मानें, तो अमेरिका की आपात मदद के बिना इजरायल यह युद्ध ज्यादा दिन नहीं झेल पाएगा। खासकर तब, जब हर दिन मिसाइल स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। अनुमान है कि सप्ताहांत तक इजरायल सिर्फ सीमित संख्या में मिसाइलों को ही इंटरसेप्ट कर पाएगा।

 

वहीं, ईरान के पास अभी भी भूमिगत ठिकानों में हजारों मिसाइलें हो सकती हैं। हालाँकि, उसके हमलों की गति में कमी आई है—शुक्रवार को 150 मिसाइलें दागने के बाद मंगलवार तक यह संख्या घटकर 10 रह गई।

 

इजरायल के लिए चिंता की एक और वजह यह है कि 2014 में भी उसने हमास के साथ तभी युद्ध विराम मांगा था, जब डिफेंस इंटरसेप्टर खत्म होने को थे। इस बार भी हालात वैसे ही बनते नजर आ रहे हैं।

 

दूसरी ओर, इजरायल का दावा है कि ईरान की लगभग एक-तिहाई मिसाइल लॉन्च साइट्स (करीब 120) को वह नष्ट कर चुका है। साथ ही, ईरान द्वारा अब तक करीब 400 मिसाइलें लॉन्च की जा चुकी हैं, जो उसके शेष भंडार की जानकारी देती हैं।

 

इस पूरे घटनाक्रम से संकेत साफ है—अगर अमेरिका आगे नहीं आता और युद्ध की तीव्रता ऐसे ही बनी रही, तो कुछ ही दिनों में इजरायल के पास मिसाइलें खत्म हो जाएंगी। तब यह मिसाइल संकट युद्ध विराम का मजबूर कारण भी बन सकता है।

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