ईरान-इजरायल युद्ध से सोने की कीमतों में उछाल, MCX पर 1 लाख के पार पहुंचा भाव
ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम तेजी से बढ़ा है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। सोमवार को सोने के दाम लगातार चौथे सत्र में बढ़ते हुए दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। निवेशक अस्थिरता के इस दौर में सुरक्षित-हेवन संपत्ति के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना 0.3% की बढ़त के साथ 3442.09 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा, जबकि यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 3461.90 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना अल्पावधि में 3500 डॉलर के स्तर को पार कर सकता है, जो कि एक अहम मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर है।
MCX (भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर भी तेजी का असर साफ नजर आ रहा है। सोमवार सुबह 9:32 बजे अगस्त अनुबंध के लिए सोने की कीमत 1,00,406 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जो कि रिकॉर्ड स्तर पर है। जानकारों के मुताबिक, जब तक अंतरराष्ट्रीय टकराव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोने में तेजी का रुझान कायम रहेगा।
विशेषज्ञ बताते हैं कि मौजूदा हालात में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक पर भी बाज़ार की निगाहें टिकी हैं। फेड द्वारा दरों में स्थिरता बनाए रखने और सितंबर तक कटौती की संभावना के कारण भी निवेशक सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
क्यों बढ़ता है सोने का भाव?
भू-राजनीतिक तनाव: युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव की स्थिति में निवेशक सुरक्षित एसेट की ओर रुख करते हैं।
मंदी की आशंका: जब अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट होती है, तो सोना एक विश्वसनीय विकल्प माना जाता है।
ब्याज दरें और डॉलर का प्रभाव: कम ब्याज दरें और कमजोर डॉलर सोने की कीमत को सहारा देते हैं।
इस वक्त निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति है, और ऐसे माहौल में सोना एकमात्र ऐसा एसेट है, जो भरोसेमंद रिटर्न देने की उम्मीद जगाता है।
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