“हनीमून बना खूनी प्लॉट? सोनम से पूछे जाएंगे वो 25 सवाल, जो खोल देंगे राजा रघुवंशी हत्याकांड की परतें”
मेघालय की ठंडी वादियों में साजिश की एक ऐसी आग भड़की, जिसने पूरे देश को सन्न कर दिया। शादी के कुछ ही दिन बाद जब एक नवविवाहित जोड़ा हनीमून के बहाने निकला, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर प्यार से नहीं, खून से लिखा जाएगा। इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या की गूंज न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश में सुनाई दी। और इस गूंज का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था—हत्या का आरोप उसी पर लगा जिसे वह सबसे ज्यादा चाहता था—उसकी पत्नी सोनम।
अब इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में मेघालय पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) एक-एक परत को उधेड़ने में जुट गई है। सोनम को यूपी के गाजीपुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय लाया गया। वह 8 दिन की पुलिस रिमांड पर है और पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए 25 ऐसे सवाल तैयार किए हैं, जिनसे ये केस पूरी तरह सुलझ सकता है। माना जा रहा है कि सोनम ने पुलिस के सामने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है, लेकिन अब वो जवाब अहम हैं जो पूरे हत्याकांड का सिलसिला बयान करेंगे।
हनीमून या मर्डर मिशन?
एसआईटी सबसे पहले यह जानना चाहती है कि सोनम और राजा ने मेघालय में हनीमून मनाने की योजना आखिर कब और कैसे बनाई? क्यों शादी के तुरंत बाद ये फैसला लिया गया? और सबसे अहम सवाल—अगर ये यात्रा सिर्फ सैर-सपाटे के लिए थी तो वापसी के टिकट क्यों नहीं बुक किए गए?
पुलिस को शक है कि हनीमून सिर्फ एक बहाना था। पुलिस के पास ऐसे इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं जिनसे पता चलता है कि सोनम लगातार एक शख्स, राज कुशवाहा, से संपर्क में थी। सूत्रों के मुताबिक, सोनम और राज की बातचीत एन्क्रिप्टेड ऐप्स के ज़रिए होती थी, और चैट्स से यह बात सामने आई है कि हनीमून के दौरान भी वे लगातार संपर्क में थे। क्या राज ही इस हत्या का मास्टर प्लानर था? और क्या सोनम इस पूरी साजिश में उसका मोहरा बनी?
गाइड को क्यों किया इनकार? किलर्स के साथ कौन था?
22 और 23 मई को मेघालय के मावलखियात इलाके में कुछ असामान्य घटनाएं हुईं। स्थानीय गाइड अल्बर्ट पड़े ने दावा किया है कि सोनम ने दो दिन तक उसकी सेवाएं लेने से साफ इनकार कर दिया था, जबकि पहले से प्लान था कि वह उनके साथ घूमेगा। अल्बर्ट के मुताबिक, सोनम के साथ जो तीन लोग थे, वे वही लोग हैं जिनका नाम अब इस हत्याकांड में सामने आया है। क्या इन्हें सोनम ने ही हायर किया था? या फिर राज कुशवाहा ने?
हत्या के बाद की गतिविधियां और पुलिस से बचाव का प्लान
राजा की हत्या के बाद सोनम सात दिनों तक फरार रही। पुलिस जानना चाहती है कि इन सात दिनों में वह कहां-कहां गई? उसे किसने पनाह दी? और आखिरकार वह गाजीपुर कैसे पहुंची? क्या उसने पुलिस से बचने के लिए कोई पूर्व प्लानिंग की थी?
एसआईटी के लिए ये सवाल भी बेहद अहम हैं कि हत्या के वक्त राजा की घड़ी और फोन बरामद हुए, लेकिन गहनों को हाथ तक नहीं लगाया गया। वहीं, राजा के लगभग 10 लाख रुपये के गहने गायब थे। क्या यह सब कुछ पहले से ही तय था? सोनम ने हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से खरीदा? कितने में खरीदा? और हत्या के तुरंत बाद तीन मोबाइल फोन कहां और क्यों ठिकाने लगाए गए?
सोनम का रिश्ता और शादी की सच्चाई
राजा की मां का दावा है कि उनका बेटा मेघालय जाना ही नहीं चाहता था। वह केवल सोनम के कहने पर गया। क्या सोनम ने जबरन राजा को इस ट्रिप के लिए राजी किया? और सबसे बड़ा सवाल—क्या सोनम ने यह शादी अपनी मर्जी से की थी या किसी दबाव में? शादी के दौरान के वीडियोज में सोनम बेहद उदास दिख रही थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह शादी सिर्फ हत्या की एक ‘कवच’ तो नहीं थी?
इन सवालों से खुलेगा पूरा सच
पुलिस के मुताबिक, अगर सोनम ने इन 25 सवालों के जवाब सही-सही दे दिए, तो न सिर्फ हत्या का मकसद साफ हो जाएगा, बल्कि यह भी पता चल जाएगा कि उसके साथ कौन-कौन शामिल था, किसने योजना बनाई, हत्या को अंजाम कैसे दिया गया, और किसने बाद में मदद की।
राजा रघुवंशी हत्याकांड सिर्फ एक मर्डर नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्ते और योजना का ऐसा जाल है जिसमें कई ज़िंदगियां उलझ चुकी हैं। और अब सबकी निगाहें इन सवालों और सोनम के जवाबों पर टिकी हैं—क्योंकि जब जवाब मिलेंगे, तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा।
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