भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता 2025 के अंत तक हो सकता है पूरा: एस. जयशंकर
नई दिल्ली/ब्रुसेल्स: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को लेकर एक बड़ा संकेत सामने आया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि यह समझौता साल 2025 के अंत तक पूरा हो सकता है। यह बात उन्होंने जर्मन मार्शल फंड फोरम के दौरान ब्रुसेल्स में कही, जहां वह यूरोपीय नेताओं के साथ कई अहम वार्ताएं कर रहे हैं।
समझौते की दिशा में हो रही है ‘अच्छी प्रगति’
जयशंकर ने कहा कि भारत यूरोपीय संघ के साथ अपने रिश्तों को “बहुत उच्च प्राथमिकता” देता है और एफटीए वार्ता इस संबंध का केंद्रीय बिंदु है। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स के पत्रकार हेनरी फॉय से बातचीत में कहा कि जो प्रगति अब तक हुई है, उससे उन्हें उम्मीद है कि 2025 के अंत तक यह समझौता संभव है।
भारत-ईयू रणनीतिक वार्ता के तहत हुई चर्चा
जयशंकर ने यह भी बताया कि उनकी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास से भी बातचीत हुई है। यह चर्चा भारत और यूरोपीय संघ के बीच पहली रणनीतिक वार्ता का हिस्सा थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने आर्थिक, सुरक्षा और व्यापार से जुड़े मसलों पर गहन चर्चा की।
विदेश नीति में भारत की स्वतंत्र सोच
जयशंकर ने कहा कि भारत कभी भी “गठबंधन आधारित” विदेश नीति का हिस्सा नहीं रहा है और वह स्वतंत्र सोच, आत्मनिर्भरता और सामर्थ्य के आधार पर निर्णय लेता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अमेरिका और यूरोपीय संघ दोनों के साथ अपने संबंधों को मूल्य देता है और हर साझेदारी को आपसी हितों के आधार पर आगे बढ़ाता है।
रूस-यूक्रेन और चीन पर भारत का दृष्टिकोण
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर जयशंकर ने कहा कि भारत हमेशा से संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान का पक्षधर रहा है। वहीं चीन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यूरोप में चीन को लेकर एकरूपता नहीं है—कुछ देश सख्त रुख अपनाते हैं, तो कुछ नरम रहते हैं।
भारत-ईयू एफटीए को लेकर सालों से बातचीत चल रही है, लेकिन अब लगता है कि यह वार्ता अंतिम मोड़ की ओर बढ़ रही है। जयशंकर के बयान के अनुसार, अगर सबकुछ योजना के अनुसार चलता है तो 2025 के अंत तक भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता संभव हो सकता है, जिससे दोनों क्षेत्रों के व्यापारिक और आर्थिक रिश्ते एक नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं।
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