महंगाई से राहत: सरकार ने कच्चे खाद्य तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी 50% घटाई, ग्राहकों को जल्द मिलेगा सस्ता तेल
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कच्चे सूरजमुखी, सोयाबीन और पाम तेल के आयात पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। यह निर्णय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज में साझा किया गया है।
उद्योग को दिया गया तुरंत मूल्य कटौती लागू करने का निर्देश
सरकार ने खाद्य तेल उद्योग संघों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आयात शुल्क में की गई कटौती का लाभ तुरंत ग्राहकों को पहुंचाएं। मंत्रालय की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी ब्रांड्स को अपनी डिस्ट्रीब्यूटर प्राइस (PTD) और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) को नई लागत के अनुसार समायोजित करना होगा।
साथ ही सभी प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों से यह भी कहा गया है कि वे मंत्रालय के साथ अपडेटेड MRP शीट हर हफ्ते साझा करें, ताकि खुदरा कीमतों में कटौती का वास्तविक असर सुनिश्चित किया जा सके।
19.25% हुआ कच्चे और रिफाइंड तेल पर ड्यूटी अंतर
इस ड्यूटी कटौती के बाद अब कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों के बीच आयात शुल्क का अंतर 8.75% से बढ़कर 19.25% हो गया है। इससे सरकार को दोहरे लाभ की उम्मीद है—एक तरफ आम जनता को राहत मिलेगी और दूसरी तरफ घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रिफाइंड तेलों के आयात में कमी आएगी।
महंगाई पर काबू पाने के लिए लिया गया यह कदम
सरकार ने यह निर्णय बीते एक साल में खाद्य तेल की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी और उपभोक्ताओं पर बढ़े आर्थिक बोझ की समीक्षा के बाद लिया है। लगातार बढ़ती खाद्य मुद्रास्फीति के चलते खुदरा स्तर पर तेल की कीमतें नियंत्रण से बाहर जा रही थीं। ऐसे में यह फैसला लागत और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सरकार के इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी। अब निगाहें इस पर होंगी कि तेल कंपनियां कितनी जल्दी नए MRP लागू करती हैं और आम उपभोक्ता को इसका कितना फायदा मिलता है।
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