भीषण गर्मी के बीच अब बरसात की दस्तक: 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-तूफान से बढ़ेगी मुश्किल, जानिए कब कहां होगा असर
देश में जहां एक ओर उत्तर भारत के कई इलाके 48 डिग्री सेल्सियस तक की झुलसा देने वाली गर्मी से तप रहे हैं, वहीं अब मौसम का मिज़ाज तेजी से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों के दौरान बिहार समेत कम से कम 15 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का दौर शुरू होने जा रहा है।
एक्टिव होता मानसून और पश्चिमी विक्षोभ
गर्मी से जूझ रहे राज्यों के लिए राहत की बात ये है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की नमी और एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश का एक बड़ा हिस्सा मानसून के सक्रिय चरण में प्रवेश करने वाला है। 13 जून से इसकी शुरुआत उत्तर-पश्चिम भारत से हो सकती है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लू की स्थिति धीरे-धीरे कम होगी और बारिश शुरू होगी।
किन राज्यों में कब और कैसी बारिश?
13-14 जून: कोंकण और गोवा में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश।
12-13 जून: तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी, कराईकल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में गरज-चमक और 30-50 किमी/घंटा की हवाएं।
14-16 जून: गुजरात और महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण) में तेज़ बारिश और 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं।
12-15 जून: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, झारखंड, गंगा के मैदानी क्षेत्र, बिहार में आंधी और बारिश।
13 जून: बिहार में संभावित भारी वर्षा।
12-13 जून: ओडिशा, अंडमान और निकोबार, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बारिश की संभावना।
12-16 जून: पूर्वोत्तर भारत – अरुणाचल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में मध्यम से भारी वर्षा।
गर्मी से राहत, लेकिन खतरे भी
एक तरफ जहां यह बारिश लंबे समय से बरसात का इंतजार कर रहे किसानों और आम जनता को राहत दे सकती है, वहीं दूसरी तरफ इससे जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। तेज़ हवाओं, बिजली गिरने और जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि लोग इन दिनों बाहर निकलते समय मौसम अपडेट पर नज़र रखें और तेज़ हवाओं और बारिश की चेतावनियों को हल्के में न लें। खासकर पर्वतीय और तटीय इलाकों में सतर्कता बेहद ज़रूरी है।
मानसून की धीमी शुरुआत अब रफ्तार पकड़ रही है, लेकिन इसकी पहली झलक नर्म नहीं बल्कि तूफानी होने वाली है। गर्मी से राहत की यह पहली बौछार, कई इलाकों के लिए आफत भी बन सकती है। आने वाले तीन से चार दिन मौसम के लिहाज़ से बेहद अहम होंगे – सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षा का रास्ता है।
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