May 3, 2026

तेलंगाना का ‘धन कुबेर’ इंजीनियर: आलीशान ज़िंदगी, विदेश में बेटे की शादी, और अरबों की बेहिसाब दौलत – लेकिन ये सब आया कहां से?

तेलंगाना के सिंचाई विभाग में तैनात कार्यकारी इंजीनियर नुने श्रीधर का नाम इन दिनों चर्चा में है, लेकिन किसी सम्मानजनक वजह से नहीं, बल्कि अरबों की बेहिसाब दौलत और भ्रष्टाचार के गहरे खेल की वजह से। जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उसके 13 ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां से जो दस्तावेज़, आभूषण और संपत्ति की जानकारी निकली, उसने अधिकारियों तक को हैरान कर दिया।

हैदराबाद से करीमनगर और वारंगल तक, श्रीधर की संपत्तियों का जाल फैला हुआ है। शेखपेट में एक आलीशान 4,500 वर्ग फुट का फ्लैट, तेलपुर में विला, करीमनगर में 3 फ्लैट, अमीरपेट में वाणिज्यिक स्पेस, वारंगल और करीमनगर में इमारतें, और कुल मिलाकर 19 रिहायशी प्लॉट – ACB ने जिन संपत्तियों की लिस्ट जारी की है, वो किसी बिजनेस टायकून से कम नहीं लगती।

और यही नहीं – बेटे की शादी थाईलैंड में डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में की गई, जिसमें करोड़ों रुपये खर्च हुए। न केवल आलीशान शादी, बल्कि करीमनगर और अन्य शहरों में कई होटलों में हिस्सेदारी, 16 एकड़ कृषि भूमि, दो कारें, भारी नकदी और बैंक डिपॉजिट्स – ये सब एक सरकारी इंजीनियर के पास आखिर आया कहां से?

ACB को संदेह है कि श्रीधर की ये दौलत उसकी वैध आय से कहीं अधिक है और इसीलिए उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी को ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जिनमें कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना से उसका जुड़ाव सामने आता है – ये वही परियोजना है जो भ्रष्टाचार के आरोपों में बुरी तरह घिरी हुई है और जिसकी जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव तक को नोटिस जारी किया गया है।

सूत्र बताते हैं कि श्रीधर इस बहुचर्चित और विवादास्पद परियोजना में लंबे समय तक तकनीकी रूप से सक्रिय था और हो सकता है कि यही वह रास्ता रहा हो, जिससे अरबों की संपत्ति खड़ी की गई। ACB अब उन सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिनमें प्रॉपर्टी ट्रांसफर, बैंक डिपॉजिट्स, विदेश यात्रा और होटल शेयरिंग से जुड़ी जानकारी शामिल है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी विभागों में ऐसे ‘धन कुबेर’ अब भी पनप रहे हैं, जो पद की आड़ में अकूत संपत्ति बनाते हैं और कानून को धता बताते हैं? क्या यह केवल एक इंजीनियर की कहानी है या फिर इसके पीछे एक संगठित भ्रष्टाचार की पूरी व्यवस्था काम कर रही है?

अब ACB की अगली कार्रवाइयों और इस केस की अगली परतें ही बताएंगी कि नुने श्रीधर अकेला था या फिर किसी बड़े रैकेट का हिस्सा। लेकिन इतना तय है – उसकी चकाचौंध भरी ज़िंदगी के पीछे की सच्चाई अब धीरे-धीरे उजागर हो रही है – और ये सच्चाई बेहद चौंकाने वाली है।

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