May 4, 2026

असम में विदेशी घुसपैठ पर सीएम हिमंत का बड़ा बयान – “NRC में नाम हो या नहीं, जो विदेशी हैं, उन्हें भेजेंगे वापस”

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसी दस्तावेज पर नहीं, बल्कि ज़मीनी सच्चाई पर आधारित है – और अगर कोई व्यक्ति विदेशी है, तो उसे हर हाल में राज्य से बाहर भेजा जाएगा, चाहे उसका नाम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) में क्यों न दर्ज हो।

गुवाहाटी में बुधवार को दिए गए अपने बयान में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि “NRC में नाम होना नागरिकता की अंतिम मुहर नहीं है।” उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने अनुचित तरीके अपनाकर अपना नाम NRC में दर्ज करा लिया है। ऐसे मामलों में जब प्रशासन यह सुनिश्चित कर ले कि संबंधित व्यक्ति अवैध प्रवासी है, तो उसे वापस भेजा जाएगा।

पिछले एक महीने में असम में सैकड़ों संदिग्ध नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। उनमें से कई को बांग्लादेश डिपोर्ट किया जा चुका है। हालांकि कुछ को वापस लौटना पड़ा, क्योंकि पड़ोसी देश ने उन्हें अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया।

सीएम शर्मा ने बताया कि “मंगलवार की रात को 19 लोगों को और बुधवार रात को 9 अन्य को बांग्लादेश भेजा गया है।” वहीं, इस कार्रवाई को लेकर एक और अहम खुलासा उन्होंने किया – कि एनआरसी की प्रक्रिया में जानबूझकर गड़बड़ी की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने असम में रहते हुए राज्य के युवाओं को अमेरिका और इंग्लैंड पढ़ाई के लिए भेजा और उन्हें एनआरसी में हेरफेर के लिए प्रेरित किया।

शर्मा ने कहा, “इन साजिशों की जानकारी मुझे मुख्यमंत्री बनने के बाद मिली।” उनका इशारा साफ था – असम में NRC का इस्तेमाल कई लोगों ने अपने निजी फायदे और राजनीतिक एजेंडे के तहत किया। इसी वजह से अब राज्य सरकार ने यह दो टूक नीति अपनाई है कि जो भी “संदिग्ध नागरिकता” की श्रेणी में आएगा, उसे जांच के बाद राज्य से बाहर किया जाएगा।

सीएम के इस बयान से यह साफ हो गया है कि असम सरकार अब NRC को अंतिम दस्तावेज मानकर नहीं चल रही, बल्कि वह व्यावहारिक साक्ष्यों और प्रशासनिक जांच के आधार पर विदेशी घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने जा रही है। यह नीति राज्य में राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी स्तर पर बड़े विमर्श को जन्म दे सकती है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!