May 5, 2026

तेल के लिए रूस और सेना के लिए अमेरिका: पीएम मोदी की रणनीति

भारत अपनी रूसी रक्षा उपकरणों पर निर्भरता तेजी से कम कर रहा है और अब अमेरिका तथा फ्रांस जैसे पश्चिमी देशों से अधिक हथियार और तकनीक खरीद रहा है। यह बदलाव बेहतर गुणवत्ता, समय पर सप्लाई और एडवांस टेक्नोलॉजी के कारण हो रहा है।

रूस से रक्षा आयात में गिरावट आई है, जो 2009 के 76% से घटकर अब 36% रह गया है। यूक्रेन युद्ध ने रूस की उत्पादन क्षमता पर असर डाला है, जिससे भारत ने धीरे-धीरे पश्चिमी उपकरणों की ओर रुख किया है। वहीं, तेल के लिए भारत रूस पर निर्भरता बनाए रखना चाहता है क्योंकि वहां से रियायती दरों पर कच्चा तेल मिल रहा है।

अमेरिका से हाल ही में भारत ने कई बड़े रक्षा अनुबंध किए हैं, जिनमें लंबी दूरी के ड्रोन और एडवांस लड़ाकू विमानों के इंजन शामिल हैं। इससे भारत की रक्षा व्यवस्था आधुनिक बनेगी और अमेरिकी-भारतीय रणनीतिक संबंध मजबूत होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की यह रणनीति रूस से कूटनीतिक समर्थन और तेल खरीद जारी रखते हुए, रक्षा क्षेत्र में अमेरिका के साथ साझेदारी को गहरा करने की है, ताकि भारत एक आधुनिक और आत्मनिर्भर सैन्य ताकत बन सके।

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