April 30, 2026

जीडीपी आंकड़े के बाद सरकार का बड़ा दांव! खाने का तेल होगा सस्ता, लेकिन कैसे? जानिए पूरी कहानी

देश में खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों के बीच जब सरकार ने जीडीपी के ताज़ा आंकड़े जारी किए, तो सबकी निगाहें महंगाई पर सरकार के अगले कदम पर टिकी थीं। और उसी वक्त केंद्र सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे हर आम आदमी की रसोई को राहत मिलने वाली है।

दरअसल, सरकार ने कच्चे खाद्य तेलों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में 10 फीसदी की कटौती की घोषणा की है। यह कटौती 31 मई 2025 से लागू हो गई है। इसके बाद अब कच्चे पाम तेल, कच्चे सोया तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी पहले के 27.5 फीसदी से घटकर 16.5 फीसदी रह गई है।

भारत अपनी 70% से ज्यादा वनस्पति तेल की ज़रूरतें आयात के माध्यम से पूरी करता है। देश इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से मुख्य रूप से पाम ऑयल मंगाता है, जबकि अर्जेंटीना, ब्राज़ील, रूस और यूक्रेन से सोया और सूरजमुखी तेल का आयात किया जाता है। ऐसे में कस्टम ड्यूटी में इस कटौती का सीधा असर बाज़ार में कीमतों पर पड़ेगा।

सरकार के इस फैसले के पीछे की मंशा साफ है – महंगाई को थामना और आम जनता को राहत देना। लेकिन क्या सच में कीमतें घटनी शुरू हो गई हैं? सरकारी आंकड़े बताते हैं कि मूंगफली और पाम तेल की कीमतों में थोड़ी राहत दिखी है, जबकि सरसों, वनस्पति और सोया तेल की कीमतें अब भी बढ़त पर हैं।

तेल की कीमतों में हाल का बदलाव कुछ यूं है:

मूंगफली तेल की कीमत 30 अप्रैल को ₹190.44 प्रति लीटर थी, जो 30 मई को ₹188.47 रह गई। यानी ₹1.97 की गिरावट।

पाम ऑयल भी ₹2.98 सस्ता हुआ है, जो अब ₹134.09 प्रति लीटर पर आ चुका है।

इसके विपरीत, सरसों तेल ₹1.64, वनस्पति तेल ₹1.6 और सोया तेल ₹0.82 महंगे हो गए हैं।

सूरजमुखी तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

क्या इस फैसले से वाकई फायदा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि कस्टम ड्यूटी घटाने का असर धीरे-धीरे थोक बाज़ार में दिखेगा और फिर खुदरा बाज़ार में कीमतें घटेंगी। पाम, सोया और सूरजमुखी तेल की विदेशी खरीद में तेज़ी आएगी, जिससे इनकी देश में उपलब्धता बढ़ेगी और अंततः कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी।

तो क्या आप उम्मीद कर सकते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में आपके किचन का बजट हल्का हो जाएगा?
अगर सबकुछ सरकार की योजना के मुताबिक रहा, तो हां—यह राहत आपके घर तक जरूर पहुंचेगी।

इसलिए अगली बार जब आप किराने की दुकान जाएं, तो हो सकता है आपकी टोकरी में सस्ते तेल की एक बोतल आपकी जेब पर थोड़ी नरमी बरत रही हो।

सरकार ने तो बिसात बिछा दी है, अब देखना है कि बाजार में कितनी तेजी से असर दिखता है।

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