April 30, 2026

कोरोना की दस्तक दोबारा: देश में लौट रहा है कोविड का डर, चार वैरिएंट सक्रिय, पहली मौत दिल्ली में दर्ज

एक बार फिर भारत के दरवाज़े पर कोरोना ने दस्तक दी है। महीनों की शांति के बाद अब संक्रमण का खतरा फिर से मंडराने लगा है। चीन, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों में कोविड मामलों में अचानक उछाल आया है और अब भारत भी उसी राह पर चलता दिख रहा है। देश में अब सिर्फ एक-दो नहीं, बल्कि कोरोना के चार वैरिएंट एक साथ एक्टिव हैं, जिनमें सबसे ज्यादा फैलाव JN.1 वेरिएंट का बताया जा रहा है।

देशभर में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 2710 हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में 511 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान सात लोगों की मौत भी हुई है। हालांकि इसी अवधि में 255 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। जनवरी से अब तक 1710 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं और कुल 22 मौतें दर्ज की गई हैं।

राज्यों की स्थिति: केरल सबसे अधिक प्रभावित, दिल्ली में पहली मौत
राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो केरल में कोरोना के सबसे अधिक 1147 सक्रिय मामले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 424 और दिल्ली में 294 एक्टिव केस मौजूद हैं। दिल्ली से एक चिंता बढ़ाने वाली खबर भी आई है — इस साल की पहली कोरोना मौत राजधानी में दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि जिस मरीज की मौत हुई, वह पहले से कई बीमारियों से ग्रस्त था और कोविड संक्रमण के बाद उसकी स्थिति गंभीर हो गई।

दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 56 नए केस मिले हैं, और अब राजधानी में कुल 294 सक्रिय मामले हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही वैरिएंट का प्रभाव हल्का हो, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर इसका असर खतरनाक हो सकता है। गाजियाबाद में भी कोरोना की हल्की हलचल देखी जा रही है जहां पांच नए केस मिले हैं, और जिले में कुल 19 एक्टिव मरीज हैं।

केंद्र की चेतावनी और राज्यों को एडवाइजरी
कोरोना मामलों में इस बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क कर दिया है। राज्यों को बड़े आयोजनों से बचने, भीड़भाड़ वाले इलाकों में फेस मास्क के उपयोग को बढ़ावा देने और कोविड के निवारक उपायों को दोबारा लागू करने की सलाह दी गई है।

‘डरने की जरूरत नहीं’: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोरोना की मौजूदा स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालात सरकार के संज्ञान में हैं। अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का कोरोना वैरिएंट तुलनात्मक रूप से कम खतरनाक है, लेकिन फिर भी लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। खासकर बुजुर्गों, बीमार और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

कोरोना फिर से लौट आया है, और भले ही इसका रूप कमजोर बताया जा रहा हो, लेकिन लापरवाही के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, मास्क पहनें, भीड़ से बचें और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पालन करें। फिलहाल डरने की नहीं, जागरूक और सजग रहने की ज़रूरत है।

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