चारपाई पर लेटी इंसाफ की गुहार: दहेज के लिए सात महीने की गर्भवती को पीटा, मायके वाले SSP दफ्तर तक लाए लहूलुहान बेटी
फिरोजाबाद की सड़कों पर गुरुवार को एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाला दृश्य देखा गया—चारपाई पर लेटी एक गर्भवती महिला, जिसका चेहरा पीड़ा से भरा था और शरीर पर जख्मों के निशान साफ़ दिख रहे थे। उस महिला का नाम शिवानी है, जिसे ससुराल वालों ने दहेज के लिए सात महीने की गर्भावस्था में बेरहमी से पीटकर घर से बाहर निकाल दिया। जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उसके बूढ़े मां-बाप उसे खाट पर लिटाकर सीधे SSP दफ्तर लेकर पहुंचे।
यह घटना थाना मटसैना क्षेत्र के आकलपुर दामोदरपुर निवासी प्रदीप कुमार की बेटी शिवानी की है, जिसकी शादी 28 फरवरी 2023 को नगला पानसहाय निवासी अश्वनी से हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद से ससुराल पक्ष लगातार दहेज में 5 लाख रुपये की मांग कर रहा था। जब यह रकम नहीं दी गई, तो बहू को प्रताड़ना का शिकार बनना पड़ा।
बीते 21 मई को प्रताड़ना ने हिंसक रूप ले लिया—ससुराल वालों ने गर्भवती शिवानी को पटक-पटककर मारा, उसके पेट और पीठ पर लातें मारीं। इतने बड़े अपराध के बावजूद जब पीड़िता के पिता प्रदीप कुमार ने थाना उत्तर में इसकी शिकायत की, तो वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। निराशा में डूबे परिजन अंततः गुरुवार को उसे चारपाई पर लिटाकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां पीड़िता ने खुद पुलिस कप्तान के सामने इंसाफ की गुहार लगाई।
SSP ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन यह सवाल अब भी कायम है—एक गर्भवती महिला को न्याय पाने के लिए आखिर इतनी पीड़ा क्यों सहनी पड़ी? और क्या हमारा सिस्टम आज भी दहेज जैसी कुप्रथाओं के सामने इतना लाचार है?
शिवानी की हालत और उसकी आंखों से टपकते आँसू सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि समाज की उस क्रूर हकीकत को उजागर करते हैं, जहाँ बेटियों को ‘लाड़’ से विदा तो किया जाता है, लेकिन कई बार वे अपने ही घर में पराई बन जाती हैं।
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