भारत को RBI का रिकॉर्ड गिफ्ट: 2.69 लाख करोड़ का डिविडेंड, संकट से निकलेगा देश
हम कोई सपना नहीं देख रहे हैं, ये सच्चाई है — भारत को उसका सबसे बड़ा वित्तीय तोहफा मिल चुका है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड ट्रांसफर कर दिया है। यह न केवल अब तक का सबसे बड़ा भुगतान है, बल्कि यह सरकार के अनुमान से भी कहीं अधिक है। इस रकम से भारत को आर्थिक मजबूती मिलेगी, और वैश्विक दबाव — चाहे वो टैरिफ हो या पाकिस्तान-अमेरिका की रणनीति — उससे निपटने में आत्मनिर्भरता आएगी।
डिविडेंड में 9 साल में 9 गुना इजाफा सरकार को मिलने वाला यह डिविडेंड बीते 9 सालों में करीब 9 गुना बढ़ चुका है। पिछले साल यानी वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार को 2.1 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला था, जबकि उससे पहले 2022-23 में केवल 87,416 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। इस साल यह बढ़कर 2.69 लाख करोड़ हो गया — यानी 27.4% की बढ़ोतरी।
616वीं बोर्ड बैठक में हुआ फैसला यह फैसला RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल की 616वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता गवर्नर शक्तिकांत दास ने की। इस निर्णय से सरकार की वित्तीय स्थिति को जबरदस्त बल मिलेगा और बजट घाटा कम करने, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति देने और जनकल्याण योजनाओं में निवेश करने में बड़ी मदद मिलेगी।
अमेरिका और पाकिस्तान की योजना को झटका? इतना बड़ा डिविडेंड ऐसे समय पर आया है जब भारत को वैश्विक दबाव और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान की ओर से जारी उकसावे और अमेरिका की टैरिफ नीति जैसे मुद्दों से निपटने के लिए अब भारत को किसी और की मदद का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
निष्कर्ष:
RBI का यह डिविडेंड भारत के लिए आर्थिक आज़ादी का प्रतीक बन सकता है। इससे न सिर्फ सरकार की तिजोरी भरने वाली है, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए और भी मजबूत बनाएगा।
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