भारत-अमेरिका के बीच जल्द हो सकता है अंतरिम व्यापार समझौता, चीन की नजरें, पाकिस्तान को झटका
भारत और अमेरिका जल्द ही एक अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इस दिशा में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी संकेत दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सार्थक और सकारात्मक बातचीत हुई है। पीयूष गोयल पिछले चार दिनों से अमेरिका दौरे पर हैं, जहां दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के बीच समझौते पर गहन चर्चा चल रही है।
सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण के पूरा होने से पहले एक अंतरिम व्यवस्था बनाना चाहते हैं, ताकि अमेरिका की शुल्क नीति से उत्पन्न व्यापारिक अवरोधों को समय रहते दूर किया जा सके। गौरतलब है कि पिछले अप्रैल में अमेरिका ने भारत पर 26% पारस्परिक शुल्क लगाया था, जिसे 90 दिनों के लिए स्थगित किया गया था। यह अवधि जुलाई के दूसरे सप्ताह में समाप्त हो रही है, जिससे पहले दोनों देश शुल्क पर स्पष्टता और स्थायित्व चाहते हैं।
भारत चाहता है कि अमेरिका उसके श्रम-प्रधान सेक्टरों पर शून्य या अत्यंत कम शुल्क लगाए, जिससे अमेरिका को इन क्षेत्रों से अधिक निर्यात किया जा सके और भारत में मैन्युफैक्चरिंग व रोजगार को बढ़ावा मिले। दूसरी ओर, अमेरिका इलेक्ट्रिक वाहन, वाइन, एथनॉल, औद्योगिक सामानों और कुछ खाद्य उत्पादों पर शुल्क में राहत चाहता है। साथ ही, वह भारत के गुणवत्ता नियंत्रण नियमों में भी छूट की मांग कर रहा है।
भारत ने पिछले दो वर्षों में कई उत्पादों पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के तहत गुणवत्ता नियंत्रण नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत आयात की गई वस्तुएं तभी भारत आ सकती हैं जब उनके लिए BIS प्रमाणपत्र हो, जो संबंधित देश की फैक्ट्री में भारतीय अधिकारियों द्वारा जांच के बाद ही जारी होता है। अमेरिका इन नियमों में ढील चाहता है।
खाद्य पदार्थों की बात करें तो भारत अमेरिका को कुछ फलों और मेवों पर लगने वाले शुल्क में छूट दे सकता है, लेकिन डेयरी उत्पादों के लिए छूट की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।
इस संभावित अंतरिम व्यापार समझौते पर चीन की पैनी नजर बनी हुई है, जबकि पाकिस्तान के लिए यह डील रणनीतिक और आर्थिक रूप से झटका साबित हो सकती है।
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