सोशल मीडिया पर सेना और महिला अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी, प्रोफेसर अली खान गिरफ्तार — सांप्रदायिक रंग देने की भी कोशिश का आरोप
हरियाणा के सोनीपत जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर की गई कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों ने एक प्रोफेसर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सेना और उसकी महिला अधिकारियों के योगदान को लेकर विवादित बयान देने वाले प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।
प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने 7 मई 2025 को “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर सोशल मीडिया पर भारतीय सेना की महिला अधिकारियों—कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह—के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। आरोप है कि इन टिप्पणियों के ज़रिए न सिर्फ़ महिला अधिकारियों के योगदान को कमतर दिखाया गया, बल्कि सैन्य कार्रवाई को भी सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई।
इन टिप्पणियों पर हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया और सोनीपत के जठेड़ी गांव के सरपंच योगेश ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवाईं। पुलिस ने इन शिकायतों के आधार पर प्रोफेसर अली खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 152, 196(1), 197(1), 299, 353, 79 और 169(1) के तहत दो मुकदमे दर्ज किए हैं।
डीसीपी नरेंद्र कादियान के मुताबिक, आरोपी को जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस कोर्ट से पांच दिन की रिमांड मांगेगी ताकि मामले की गहन पूछताछ की जा सके। पुलिस का कहना है कि प्रोफेसर की पोस्टों से महिला अधिकारियों की गरिमा को ठेस पहुंची है और यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश भी हो सकती है।
इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी भारी बहस छेड़ दी है और सेना से जुड़े कई संगठनों ने प्रोफेसर की गिरफ्तारी को जरूरी कदम बताया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और अगर ज़रूरत पड़ी तो आगे और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
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