April 23, 2026

 लखनऊ में दिल दहलाने वाला अपराध: नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण, ब्लैकमेल कर देह व्यापार में धकेला

लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा को यौन शोषण, ब्लैकमेल और देह व्यापार के जाल में फंसाने का खुलासा हुआ है। यह घिनौना अपराध तब सामने आया, जब पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए वन स्टॉप सेंटर (181) पर पहुंचकर अपनी आपबीती साझा की। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—असलम, मोहम्मद शाबान, रहनुमा और नैन्सी—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, बलात्कार, आपराधिक धमकी और मानव तस्करी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

 कमजोर आर्थिक स्थिति का फायदा

पुलिस के अनुसार, पीड़िता छठवीं कक्षा की छात्रा है और अपने माता-पिता व छोटे भाई के साथ रहती है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, और उनकी आय का मुख्य स्रोत मकान का किराया है। जून 2024 में एक परिचित महिला, रहनुमा, जो गर्भवती थी, ने देखभाल के नाम पर पीड़िता को अपने घर ले गई। उसने परिवार को भरोसा दिलाया कि बदले में वह हर महीने 3,000 रुपये देगी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही हफ्तों में इस विश्वास को तोड़ते हुए महिला ने अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया।

 

 यौन शोषण और ब्लैकमेल का जाल

जानकारी के मुताबिक, रहनुमा ने पीड़िता को अपनी बहन और अन्य अजनबियों के पास भेजना शुरू कर दिया। अगस्त 2024 में रहनुमा के पति के एक दोस्त ने बहाने से नाबालिग को कमरे में बुलाया और उसके साथ यौन शोषण किया। इस दौरान उसका वीडियो बनाया गया और उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाने लगा। पीड़िता ने बताया कि उसे ऐसी दवाएं दी जाती थीं, जिनसे उसे चक्कर आते थे और वह विरोध करने की स्थिति में नहीं रहती थी। इसके बाद उसे जबरन अन्य लोगों के पास भेजा जाने लगा।

 

जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी और उसे डराकर देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया। पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति बद से बदतर होती गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और अंततः वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर अपनी पीड़ा बयां की।

 

 पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी अर्चना सिंह ने पीड़िता की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की और गुडंबा थाने में मामला दर्ज करवाया। गुडंबा थाना प्रभारी प्रभतेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस ने चारों आरोपियों—असलम, मोहम्मद शाबान, रहनुमा और नैन्सी—को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है, और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस रैकेट में और लोग भी तो शामिल नहीं हैं।

 

 समाज में हड़कंप, सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि नाबालिगों की सुरक्षा और कमजोर वर्गों के शोषण को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। पीड़िता की हिम्मत और वन स्टॉप सेंटर की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन यह घटना समाज में व्याप्त असुरक्षा और अपराधियों के हौसले को दर्शाती है।

 

पुलिस और प्रशासन से अब यह मांग उठ रही है कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि मासूम बच्चों को इस तरह के शोषण से बचाया जा सके। इस मामले ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आर्थिक तंगी और भरोसे का फायदा उठाकर अपराधी कैसे मासूमों को अपने जाल में फंसाते हैं।

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