ऑपरेशन लंगड़ा” बना अपराधियों का खौफ, गाज़ीपुर में फायरिंग करने वाले दोनों शातिर बदमाश मुठभेड़ में धराए
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए अब हर रास्ता बंद हो रहा है। पुलिस का ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ एक के बाद एक गैंगस्टरों पर कहर बनकर टूट रहा है। गाज़ीपुर से लेकर गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर और मीरजापुर तक लगातार हो रही मुठभेड़ों में अब तक 11 से ज्यादा बदमाश पुलिस की गोलियों का शिकार हो चुके हैं। इन सभी को पैरों में गोली लगी है — ताकि वो फिर किसी वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचें।
ताज़ा मामला गाज़ीपुर जनपद के नंदगंज थाना क्षेत्र के बरहपुर गांव के पास सोमवार सुबह करीब 7 बजे सामने आया, जब पुलिस और स्वॉट टीम की दो कुख्यात बदमाशों से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। चार मई को गाज़ीपुर के एक निजी अस्पताल में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले दोनों बदमाशों को पहले ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान कर गिरफ्तार किया जा चुका था। लेकिन जब पुलिस उन्हें बरामद असलहे की तलाश में लेकर गई, तभी उन्होंने अचानक ही पुलिस पर उसी हथियार से हमला बोल दिया।
इस हमले का जवाब भी यूपी पुलिस के जवानों ने उसी अंदाज़ में दिया। कुछ ही देर चली मुठभेड़ में दोनों अपराधियों को पैरों में गोली लगी और वहीं मौके पर ही उन्हें धर-दबोच लिया गया। घायल बदमाशों की पहचान अमन यादव पुत्र अजय सिंह यादव निवासी सकरा और अमन यादव पुत्र अंगद यादव निवासी बेलसड़ी, जनपद गाज़ीपुर के रूप में हुई है।
सीओ भड़कुड़ा सुधाकर पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई संगीन धाराओं में केस दर्ज हैं। अस्पताल फायरिंग जैसी गंभीर घटना के बाद जब उन्हें असलहा बरामद कराने के लिए ले जाया जा रहा था, तब यह हमला हुआ। अब दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनके खिलाफ नई धाराओं में भी केस दर्ज कर कार्रवाई तेज़ कर दी गई है।
राज्यभर में चल रहे इस ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत यूपी पुलिस अपराधियों को यह सीधा संदेश दे रही है— या तो कानून का सम्मान करो या फिर लंगड़ा बनकर जेल में सड़ो।
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