सीमा पार बढ़ते तनाव के बीच सोने की चमक, चांदी भी उछली—‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बाजार पर बड़ा असर
भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह अचानक आई तेजी केवल बाजार की मांग या वैश्विक संकेतों का नतीजा नहीं, बल्कि एक बड़े सैन्य अभियान के बाद उपजे भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर माना जा रहा है।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के दो हफ्ते बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर नौ आतंकवादी ठिकानों पर एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की। इस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने को मिसाइल हमलों से निशाना बनाया गया। इन हमलों को पहलगाम में मारे गए 26 निर्दोष भारतीयों की शहादत का जवाब माना जा रहा है।
इस सैन्य प्रतिक्रिया के बाद निवेशकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी, जिससे सोने की मांग में तेज उछाल देखा गया। दिल्ली में बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,000 रुपये चढ़कर 1,00,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि मंगलवार को यह 99,750 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसी प्रकार 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,050 रुपये की बढ़त के साथ 1,00,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 99,300 रुपये था।
इस बीच, वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमत में जबरदस्त तेजी देखी गई। हाजिर सोना 62.12 डॉलर यानी 1.8 प्रतिशत उछलकर 3,369.65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, हाजिर चांदी की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिली, जो 1.24 प्रतिशत गिरकर 32.81 डॉलर प्रति औंस रही। हालांकि घरेलू बाजार में चांदी के दाम में मजबूती बनी रही। बुधवार को यह 440 रुपये की बढ़त के साथ 98,940 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि मंगलवार को यह 98,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 22 अप्रैल को सोने की कीमत 1,800 रुपये की तेज छलांग लगाकर 1,01,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी, जब पहली बार बाजार में युद्ध जैसे हालात की चर्चा ने जोर पकड़ा था।
इस तरह स्पष्ट है कि भू-राजनीतिक हलचलें न केवल रणनीतिक स्तर पर, बल्कि बाजार के हर स्तर पर असर डाल रही हैं। निवेशक अब सतर्क हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं—और सोने से बेहतर विकल्प इस समय उन्हें शायद ही कोई दिख रहा हो।
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