April 18, 2026

पहलगाम हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता का बड़ा खुलासा, हमले में शामिल आतंकी निकला पाक सेना का पैरा कमांडो

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की संलिप्तता अब उजागर हो गई है। इस हमले में शामिल आतंकी हाशिम मूसा दरअसल पाकिस्तान की सेना का पैरा कमांडो था, जिसे बाद में लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने भेजा गया। मूसा की पहचान सामने आने के बाद भारत में गुस्से की लहर और भी तेज हो गई है। आतंकी मूसा को पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) यूनिट से निकालकर लश्कर को सौंपा गया था ताकि वह कश्मीर में आतंक फैलाने के मिशन को अंजाम दे सके। मूसा सैटेलाइट फोन के जरिए निर्देश ले रहा था और वह पहले भी गांदरबल और बूटा पथरी जैसे आतंकी हमलों में शामिल रहा है। अक्टूबर 2024 में गगनगीर, गांदरबल में हुए हमले में भी मूसा का नाम आया था, जिसमें 7 नागरिकों की जान गई थी। इसके अलावा बूटा पथरी अटैक में भी उसकी भूमिका रही, जिसमें दो भारतीय जवान और एक नागरिक शहीद हुए थे।

यह भी सामने आया है कि हाशिम मूसा को पहलगाम जैसे संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मिशन के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि वह पाक सेना की स्पेशल फोर्स में प्रशिक्षित था। यह तथ्य इस बात की पुष्टि करता है कि पाकिस्तान की सेना और आतंकी संगठनों के बीच गहरी साठगांठ है। पाकिस्तान की सरकार और सेना इस बात से इनकार करती रही है, लेकिन मूसा की पहचान ने उनके झूठ को उजागर कर दिया है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर अब सवालों के घेरे में आ चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की स्थिति और भी कटघरे में खड़ी हो गई है।

इस खुलासे के बाद जम्मू-कश्मीर में सक्रिय अन्य आतंकियों की तलाश तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में अब 14 बड़े आतंकियों के नाम हैं जो कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हैं। इनमें सोपोर का आदिल रहमान, पुलवामा के आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट, शोपियां के आसिफ अहमद, नसीर अहमद, शाहिद अहमद, आमिर अहमद डार और अदनान डार शामिल हैं। इसके अलावा अनंतनाग से जुबैर अहमद वानी और हारून राशिद गनी भी सुरक्षा बलों के निशाने पर हैं। सेना और पुलिस इन सभी आतंकियों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान चला रही है और जल्द ही इनका खात्मा किया जा सकता है।

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