लखनऊ में आधार कार्ड क्लोनिंग का बड़ा फर्जीवाड़ा, डिप्टी सीएम के नाम पर पहचान बनाने का मामला उजागर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आधार कार्ड के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। विधानसभा मार्ग स्थित रतन स्क्वायर कॉम्प्लेक्स में संचालित एक आधार सेवा केंद्र (ASK) में दलालों के गिरोह ने ऐसा नेटवर्क तैयार कर रखा था, जो पैसे लेकर किसी भी नाम पर नया आधार कार्ड बनवाने का दावा करते थे। इसी फर्जीवाड़े के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलता-जुलता नाम और पहचान तैयार करने का मामला भी उजागर हुआ है। यह सब कुछ उस इलाके में हो रहा था, जो विधानसभा भवन से कुछ ही दूरी पर स्थित है, जिससे सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्टर ने जब इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल की, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आयीं। रतन स्क्वायर कॉम्प्लेक्स के भीड़भाड़ वाले आधार केंद्र में हर तरफ दलाल सक्रिय थे, जो खुलकर लोगों को अवैध तरीके से आधार कार्ड बनवाने का ऑफर दे रहे थे। जांच में पता चला कि इस रैकेट में तीन युवा लड़कियां भी शामिल थीं, जिनकी उम्र लगभग 20 साल थी। ये युवतियां भी बाकायदा ग्राहकों से संपर्क साधकर सौदे तय कर रही थीं और पहचान बदलवाने या नए नाम पर आधार कार्ड बनाने का भरोसा दे रही थीं।
इस मामले के सामने आने से साफ है कि आधार जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज की सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक हो रही है। पैसे लेकर गलत तरीके से पहचान पत्र जारी करना न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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