April 19, 2026

बहराइच में विश्व हिंदू परिषद ने जताया पहलगाम आतंकी हमले पर रोष, शोकसभा के बाद किया पाकिस्तान का पुतला दहन!

बहराइच, 25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार): जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में गत दिवस हिन्दू तीर्थयात्रियों पर हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर देशभर में आक्रोश फैल रहा है। इसी क्रम में आज बहराइच में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन, शोकसभा और पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अगुवाई विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष तरुण सिंह ने की। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में विहिप कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, संतजन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। सबसे पहले हमले में मारे गए निर्दोष हिन्दुओं की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उसके बाद उपस्थित जनसमूह ने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट करते हुए नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’, ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’, और ‘कायरों होश में आओ’ जैसे नारे लगाते हुए पाकिस्तान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। विहिप कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह हमला न केवल मानवता के विरुद्ध है, बल्कि हिन्दू समाज को लक्षित कर एक गहरी साजिश के तहत किया गया है।

जिलाध्यक्ष तरुण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि,“यह हमला केवल कश्मीर में रहने वाले हिन्दुओं पर नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष की अस्मिता पर हमला है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह आतंकियों को चुन-चुन कर समाप्त करे और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दे कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा।”

धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने एक स्वर में केंद्र सरकार से मांग की कि वह कश्मीर घाटी में हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए। साथ ही इस हमले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को तुरंत कठोर दंड दिया जाए।

इस विरोध प्रदर्शन और शोक सभा में बहराइच के कई प्रमुख सामाजिक व धार्मिक कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. राकेश दुबे, राजकुमार सोनी, बृज किशोर शुक्ला, रणधीर सिंह, विष्णु देवाचार्य, बृजेश मिश्रा, नगर कार्याध्यक्ष अजय रस्तोगी, पंकज रस्तोगी, गौरव गुप्ता, ध्रुव कुमार, डॉ. परशुराम त्रिपाठी, शरद कालिया, श्रीमती अरुण लता श्रीवास्तव, पुष्पा देवी, मीना द्विवेदी, दीपा श्रीवास्तव, संतोष पांडे, नीलम श्रीवास्तव और ओम प्रकाश शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने संकल्प लिया कि जब तक भारत से आतंकवाद का समूल नाश नहीं होता, तब तक वे सामाजिक चेतना और एकजुटता के माध्यम से राष्ट्र को जागरूक करने का कार्य करते रहेंगे।

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