बुधवार को गणपति पूजन में दूर्वा के उपाय से मिल सकता है सुख, समृद्धि और कर्ज से मुक्ति का मार्ग
बुधवार का दिन गणपति जी की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और इस दिन यदि दूर्वा के विशेष उपाय किए जाएं, तो नौकरी, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। गणपति जी को दूर्वा, मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय हैं। जिस तरह तुलसी का श्रीकृष्ण और बेलपत्र का शिव जी से संबंध है, उसी तरह गणेश जी और दूर्वा का गहरा जुड़ाव है। मान्यता है कि बुधवार के दिन दूर्वा अर्पित करने से दरिद्रता का नाश होता है और व्यापार में तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार गणपति जी ने अनलासुर नामक असुर से युद्ध किया। जब उन्होंने उस राक्षस को निगल लिया, तो उनके पेट में भयंकर जलन होने लगी। तब कश्यप ऋषि ने उन्हें दूर्वा की 21 गांठें खाने के लिए दीं, जिससे उनकी जलन शांत हो गई। तभी से गणेश पूजन में दूर्वा अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई।
अगर कर्ज से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो बुधवार या गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को पांच दूर्वा में 11 गांठें बनाकर चढ़ाएं और नियमित रूप से ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ करें। व्यवसाय या नौकरी में उन्नति के लिए गणेश मंदिर जाकर 11 दूर्वा गांठें और हल्दी अर्पित करें, साथ ही गणेश चालीसा का पाठ करें। यदि आपके कार्य लगातार अटकते हैं, तो सफेद गाय के दूध से सफेद दूर्वा का लेप बनाकर उसका तिलक प्रतिदिन लगाएं। इससे दुर्भाग्य दूर होकर सौभाग्य प्राप्त होता है। वहीं, अगर परिवार में निरंतर क्लेश रहता है, तो बुधवार को गाय को हरी दूर्वा खिलाएं। यह उपाय आपसी संबंधों को मधुर बनाता है और घर में सुख-शांति लाता है।
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