April 20, 2026

तेजी के ट्रैक पर शेयर बाजार, निवेशकों में लौटा भरोसा और दिख रही जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद

शेयर बाजार में बीते चार कारोबारी दिनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स ने 4,706 अंकों की छलांग लगाई है जबकि निफ्टी भी 6.5% की मजबूती के साथ प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल्स को पार कर गया है। शुरुआती रिकवरी अब एक बुलिश रैली का रूप लेती जा रही है और निवेशकों का सेंटीमेंट बेहद पॉजिटिव हो चुका है। एक्सपर्ट रुपक डे ने इस रफ्तार को ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ मूव बताया है। उनका कहना है कि निफ्टी ने कुछ ही दिनों में लगभग 10% की बढ़त हासिल की है और दो अहम स्विंग हाई को पार कर लिया है। उनके मुताबिक जब तक निफ्टी 23,300 के ऊपर बना रहेगा, तब तक बाजार 24,100 से 24,550 के स्तर तक जा सकता है। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में गिरावट में खरीदारी की रणनीति को बेहतर बताया है।

टेक्निकल एनालिसिस के नजरिए से बाजार ने 20-डे और 50-डे मूविंग एवरेज को मजबूती से पार कर लिया है और वीकली चार्ट पर लगातार बुलिश कैंडल्स बन रही हैं। इनमें एक ‘बुलिश ब्रेकअवे गैप’ भी देखने को मिला है जो तेजी के संकेत देता है। एक्सपर्ट संदीप सभरवाल का मानना है कि इस रैली को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब बाजार रफ्तार पकड़ते हैं तो उनके मूवमेंट का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। इस बार भारत की मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति भी इस तेजी को सहारा दे रही है। महंगाई में गिरावट, सरकारी खर्च में इजाफा और टैक्स सुधारों से लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ी है। उनके अनुसार पहले बाजार ‘एक्सेसिव नेगेटिविटी’ के दबाव में था, जो अब खत्म हो रही है और इससे बाजार का आउटलुक और बेहतर हो गया है।

फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भी हालात में बदलाव किया है। महज तीन दिनों में उन्होंने 15,000 करोड़ रुपए की खरीदारी की है, जबकि इससे पहले लगातार नौ दिनों तक बिकवाली की थी। यह निवेश भारत में विश्वास की वापसी का संकेत है, खासकर तब जब रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ 85.37 पर पहुंच गया है। एक्सपर्ट विनोद नायर के अनुसार, इस तेजी के पीछे ग्लोबल और डोमेस्टिक दोनों ही फैक्टर हैं। अमेरिका की ओर से टैरिफ में राहत, सामान्य मॉनसून की उम्मीद और प्रमुख बैंकों द्वारा डिपॉजिट रेट में कटौती ने बाजार को नई दिशा दी है। हालांकि नायर ने चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों को लेकर चेतावनी भी दी है। उनका सुझाव है कि निवेशकों को वोलाटाइल माहौल में सतर्क रहना चाहिए और एक्सपोर्ट पर निर्भर कंपनियों से दूर रहना चाहिए। इसके बजाय बैंकिंग, कंज्यूमर गुड्स, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे डोमेस्टिक सेक्टर्स में निवेश करना बेहतर होगा।

सैगल कैपिटल के अंशुल सैगल का भी मानना है कि भारतीय बाजार की रैली अभी खत्म नहीं हुई है। अमेरिका की टैरिफ नीति भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है और यही कारण है कि पिछले 40-45 दिनों में बाजार में सकारात्मकता बनी हुई है। वे मानते हैं कि अभी भी बाजार में कई ऐसे शेयर हैं जिनमें जबरदस्त ग्रोथ की संभावना है। जो निवेशक सही कंपनियों को पहचान सकेंगे, उनके लिए अगले 1-2 साल मुनाफे भरे साबित हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल बाजार ओवरबॉट जोन में है, लेकिन मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक फाउंडेशन के चलते रैली और भी लंबी चल सकती है।

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