टैरिफ वॉर के दौर में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के व्यापारिक रिश्तों की बदली तस्वीर
दक्षिण एशिया के तीन प्रमुख देशों—भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश—के बीच व्यापारिक रिश्तों में बीते कुछ वर्षों के दौरान दिलचस्प बदलाव देखने को मिले हैं। एक ओर जहां भारत और पाकिस्तान के कारोबारी संबंध लगभग ठंडे पड़ चुके हैं, वहीं बांग्लादेश के साथ भारत का व्यापारिक जुड़ाव लगातार मज़बूत होता जा रहा है। अमेरिका और चीन के बीच जारी टैरिफ वॉर के चलते वैश्विक व्यापारिक माहौल में जो अनिश्चितता बनी हुई है, उसने क्षेत्रीय देशों को अपने पड़ोसियों के साथ नए समीकरण तलाशने पर मजबूर कर दिया है। भारत ने इस दिशा में बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को गहराई दी है, जबकि पाकिस्तान के साथ आर्थिक रिश्ते सिमटते जा रहे हैं।
हाल ही में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता हुई है और बांग्लादेश ने पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा नियमों में कुछ राहत दी है। दोनों देशों के बीच अब सीधा व्यापार भी शुरू हो गया है, जो भारत के लिए कूटनीतिक दृष्टि से एक संकेत है कि पड़ोसी देश आपसी समीकरणों को बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अगर आर्थिक आंकड़ों की बात करें, तो बांग्लादेश ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए क्षेत्र में एक मज़बूत आर्थिक स्थिति बना ली है। यूरोप एशिया फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में बांग्लादेश की जीडीपी 411 अरब डॉलर रही, जबकि पाकिस्तान की जीडीपी 347 अरब डॉलर तक ही सीमित रही। विकास दर के मोर्चे पर भी बांग्लादेश 7.5 फीसदी की दर से आगे बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान 3.5 फीसदी पर ठहरा हुआ है।
मुद्रा और विदेशी मुद्रा भंडार की बात करें तो बांग्लादेश की मुद्रा पाकिस्तान से कहीं ज्यादा मजबूत है। जहां बांग्लादेश के 10 टका भारत में लगभग 7 रुपये के बराबर हैं, वहीं पाकिस्तान के 10 रुपये की कीमत सिर्फ 3 भारतीय रुपये के आसपास है। बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 31 अरब डॉलर तक है, जबकि पाकिस्तान के पास केवल 4 अरब डॉलर का भंडार शेष है। भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार 2019 से पहले 2.56 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, लेकिन वर्तमान में यह घटकर 1.23 अरब डॉलर रह गया है। इसके विपरीत, भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार 12.90 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। बांग्लादेश अपने कुल आयात का लगभग 12 प्रतिशत भारत से करता है। कुल मिलाकर, भारत का कारोबारी झुकाव अब स्पष्ट रूप से बांग्लादेश की ओर है, जबकि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सीमित और ठंडे होते जा रहे हैं। बांग्लादेश ने सिर्फ आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को पीछे नहीं छोड़ा है, बल्कि दक्षिण एशिया में अपने कूटनीतिक प्रभाव को भी मज़बूत किया है।
Share this content:
