टैरिफ वॉर में अमेरिका-चीन आमने-सामने, चीन ने अमेरिका से टैरिफ हटाने की अपील की
टैरिफ वॉर को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। शुरुआत में जहां चीन ने अमेरिका के खिलाफ कड़े तेवर अपनाए थे, वहीं अब उसमें कुछ नरमी देखने को मिल रही है। ताजा घटनाक्रम में चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने रविवार, 13 अप्रैल 2025 को अमेरिका से अपील की है कि वह पारस्परिक टैरिफ को पूरी तरह से रद्द कर दे।
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका को अपनी गलतियों को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाना चाहिए, पारस्परिक टैरिफ की गलत प्रथा को खत्म करना चाहिए और आपसी सम्मान के रास्ते पर लौटना चाहिए। इसके एक दिन पहले, शनिवार 12 अप्रैल को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए टैरिफ में छूट देने की घोषणा की थी।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “बाघ के गले में बंधी घंटी को केवल वही खोल सकता है जिसने उसे बांधा है।” इसके जरिए मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन से टैरिफ नीति पर पुनर्विचार करने की अपील की। मंत्रालय ने यह भी बताया कि वे अमेरिका की हालिया छूट की घोषणा का मूल्यांकन कर रहे हैं, लेकिन अभी भी ज्यादातर चीनी वस्तुओं पर 145 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा रहा है, जबकि चीन को 90 दिन के टैरिफ स्थगन के बावजूद राहत नहीं मिली है।
इससे पहले शुक्रवार, 11 अप्रैल को चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ 84 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया था। जवाब में अमेरिका ने भी चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाकर 145 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ट्रंप की एकतरफा नीतियों और आर्थिक दबाव के खिलाफ एकजुट होने की अपील की और अन्य साझेदारों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
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